ड्राई, ऑयली या सेंसिटिव स्किन? आजमाएं ये आयुर्वेदिक स्किन केयर रूटीन

Verified Medically Reviewed By: Dr Shrey Sharma

Ayurvedic Skin Care: क्या आप केमिकल वाले स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके ऊब चुके हैं लेकिन कोई असर नहीं दिख रहा? आइए आयुर्वेद से जानें हेल्दी स्किन पाने का तरीका।

Written by Vidya Sharma | Updated : March 17, 2026 11:57 AM IST

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स्किन केयर करने का नेचुरल तरीका

Skin Type Ke Anurar Ayurvedic Skin Care Tips: आजकल हर कोई स्किन केयर की मदद से अपनी बाहरी खूबसूरती को निखारना चाहता है। देखें इसमें कोई दो राय नहीं है कि सही स्किन केयर बाहर से हमारी त्वचा को साफ और खूबसूरत बनाता है। लेकिन इसे अंदर से भी हेल्दी बनाना उतना ही जरूरी है जितना बाहर से। ऐसे में जब डीप हीलिंग की बात आती है तो हर किसी की जुबान पर आयुर्वेद का नाम आता है। इसका पहला कारण यह है कि आयुर्वेदिक हर्ब का इस्तेमाल किया जाता है और यह नेचुरल होने के कारण त्वचा को नुकसान न के बराबर की करती हैं। इसके अलावा आयुर्वेद त्वचा को शरीर के अंदर से साफ करने का काम करता है, जिससे पूरा शरीर भी हेल्दी नजर आता है। आइए रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि आयुर्वेद में स्किन केयर कैसे किया जाता है।

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स्किन हेल्थ को लेकर आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद के अनुसार, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और उसकी देखभाल भी उसी के हिसाब से की जानी चाहिए। हमारी त्वचा दोष के हिसाब से भी प्रतिक्रिया करती है, ये दोष हैं वात, पित्त और कफ और इन्हीं के आधार पर त्वचा की हेल्थ का ध्यान रखा जाता है। आइए अब हम बिना देर किए अलग-अलग स्किन टाइप को ट्रीट करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार के बारे में जानते हैं। Also Read - घर बैठे 1 चम्मच घी से बनाएं नैचुरल क्रीम, चेहरे पर लगाने स्किन पर आ सकती है चमक

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आयुर्वेद के हिसाब से स्किन टाइप कैसे जानें?

आयुर्वेद में त्वचा को शारीरिक दोषों के हिसाब से बांटा गया है। मुख्य रूप ये तीन प्रकार का होता है- वात प्रकृति वाली स्किन- प्रकृति की त्वचा रूखी और ड्राई होती है और इसमें जल्दी झुर्रियां आने लगती हैं। पित्त प्रकृति स्किन- पित्त प्रकृति वाली स्किन बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव होती है और वह जल्दी लाल या पिंपल्स बना देती है। कफ प्रकृति वाली स्किन- वह लोग जो कफ प्रकृति वाले होते हैं उनकी स्किन अधिक ऑयली, मोटी और बड़े पोर्स वाली होती है।

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सही आयुर्वेदिक इंग्रीडिएंट्स कैसे चुनें?

आयुर्वेद में त्वचा पर इस्तेमाल करने के लिए हर तरह से नेचुरल चीजों के उपयोग की सलाह दी जाती है। आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार वह लोग जिनकी स्किन ऑयली है, उन्हें नीम, हल्दी या मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि यह चेहरे से एक्स्ट्रा ऑयल को साफ करने, एक्ने-पिंपल्स को दूर करने और डार्क स्पॉट्स को हल्का करने में मदद करता है। वहीं ड्राई स्किन को हाइड्रेट व हेल्दी बनाने के लिए बादाम तेल, शहद और एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करें। ये त्वचा को हाइड्रेट और नरम बनाते हैं। वहीं अगर आपकी त्वचा सेंसिटिव है तो चंदन, गुलाब जल या खीरा का इस्तेमाल करें। इनमें कूलिंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी होते हैं। Also Read - हिचकी कब और क्यों आती है? जानें किस स्थिति में आती है बार-बार हिचकी

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ये 3 घरेलू नुस्खे हैं फायदेमंद

आयुर्वेद में पुराने समय से ही खूबसूरती को बढ़ाने के लिए कुछ नुस्खे इस्तेमाल होते आ रहे हैं। इनमें दही और हल्दी बेसन का पेस्ट शामिल है जो ग्लो बढ़ाने के लिए फायदेमंद होता है। नीम का पेस्ट जो शरीर से सारी गंदगी को साफ करने व चेहरे पर होने वाले पिंपल्स को बढ़ने से रोकता है। वहीं एलोवेरा जेल स्किन इंफेक्शन को फैलने से रोकता है और त्वचा को हाइड्रेट रखता है।

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इन बातों का रखें ध्यान

सभी का इस बात को गांठ बांध लेना बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि हर किसी की स्किन अलग-अलग टाइप की होती है। ऐसे में जरूरी नहीं है कि किसी की स्किन पर कोई नुस्खा सूट किया है तो वह आपके भी करेगा। इसलिए कोई भी नया उपाय अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। इसके अलावा अपनी डाइट और लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाएं। Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है। Also Read - आपका स्टैमिना कितना है? अगर जानना चाहते हैं, तो अपनाएं ये 5 आसान तरीके