40 की उम्र में हार्मोन का रखें ध्यान! जानें एस्ट्रोजन बढ़ाने वाली 4 चमत्कारी जड़ी-बूटियां

Verified VERIFIED By: Dr Shrey Sharma

Herbs for Estrogen Hormone: महिलाओं के लिए एस्ट्रोजन हार्मोन बेहद जरूरी होता है। हालांकि, 40 साल के बाद शरीर में इसका उत्पादन कम होने लगता है। ऐसे में आप इन जड़ी-बूटियों का सेवन कर सकते हैं।

Written by Anju Rawat | Published : June 30, 2025 12:26 PM IST

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40 साल के बाद एस्ट्रोजन कम क्यों हो जाता है?

एस्ट्रोजन एक महिला सेक्स हार्मोन है। यह महिला के यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है। एस्ट्रोजन हार्मोन हड्डियों के लिए भी जरूरी होता है। एस्ट्रोजन हार्मोन रक्त वाहिकाओं और हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। लेकिन 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने लगता है। दरअसल, इस उम्र के बाद मेनोपॉज हो जाता है। मेनोपॉज में अंडाशय धीरे-धीरे एस्ट्रोजन का उत्पादन कम कर देता है। इससे महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है।

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40 साल के बाद एस्ट्रोजन बढ़ाने वाली जड़ी-बूटियां

Herbs to Increase Estrogen Hormone: 40 साल के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन कम होने लगता है। एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से महिलाओं को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान होना पड़ता है। एस्ट्रोजन की कमी से त्वचा संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। साथ ही, प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं। ऐसे में महिलाएं एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ाने के लिए दवाइयों और थेरेपी का सहारा लेती हैं। आप चाहें तो कुछ जड़ी-बूटियों की मदद से भी शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ा सकती हैं। आइए, रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं 40 साल के बाद एस्ट्रोजन बढ़ाने के लिए कौन-सी जड़ी-बूटी खानी चाहिए? Also Read - Symptoms of Low-Estrogen: पीरियड्स ना होना या इर्रेग्यूलर पीरियड्स की वजह हो सकती है एस्ट्रोजन लेवल में कमी, लो-एस्ट्रोजेन लेवल के 4 लक्षण

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शतावरी

शतावरी एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो महिलाओं की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसलिए सभी महिलाओं को अपनी डाइट में शतावरी जरूर शामिल करनी चाहिए। यह औषधीय गुणों से भरपूर होती है। 40 साल के बाद शरीर में एस्ट्रोजन लेवल बढ़ाने के लिए भी आप शतावरी का सेवन कर सकती हैं। इसमें भी फाइटोएस्ट्रोजन होते हैं, जो शरीर में एस्ट्रोजन की तरह की काम करते हैं।

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अश्वगंधा

अश्वगंधा एक आयुर्वेद औषधि है। आपको अपनी डाइट में अश्वगंधा जरूर शामिल करना चाहिए। यह हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। 40 साल के बाद महिलाएं अपनी डाइट में अश्वगंधा शामिल कर सकती हैं। अश्वगंधा खाने से शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ता है। यह प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है। Also Read - प्रेगनेंसी में एस्ट्रोजन हार्मोन की अधिकता से होता है यह खतरा

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अशोक की छाल

अशोक की छाल औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसमें कई ऐसे तत्व होते हैं, जो एस्ट्रोजन हार्मोन की तरह कार्य करते हैं। अशोक की छाल के पाउडर का सेवन कई तरीकों से कर सकती हैं। आप इसे पानी या दूध के साथ ले सकती हैं। इससे गर्भाशय के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। अशोक की छाल का पाउडर लेने से पीरियड्स के दिनों में होने वाले दर्द में भी आराम मिलता है।

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सोयाबीन

40 साल के बाद एस्ट्रोजन लेवल बढ़ाने के लिए आप सोयाबीन का सेवन कर सकते हैं। सोयाबीन में फाइटोएस्ट्रोजन नामक तत्व होते हैं, जो शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की तरह ही काम करते हैं। सोयाबीन खाने से शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। आपको अपनी रोज की डाइट में सोयाबीन को जरूर शामिल करना चाहिए। सोयाबीन महिलाओं की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं। Also Read - एस्‍ट्रोजन : महिलाओं के तन-मन की सेहत के लिए एक जरूरी हार्मोन