सर्दियों में इम्युनिटी मजबूत रखने के लिए फॉलो करें ये 5 आयुर्वेदिक टिप्स, आपके आसपास भी नहीं फटकेंगी बीमारियां

Ayurvedic Ways to Boost Immunity In Hindi: सर्दियों में अगर आप भी बार-बार बीमार पड़ रहे हैं तो आपको इम्यूनिटी बूस्ट करने की आवश्यकता है इसके लिए हम आपको यहां पांच आयुर्वेदिक उपाय बता रहे हैं। 

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Written By: Atul Modi | Published : January 11, 2023, 9:37 PM

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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय - Ayurvedic Ways To Boost Immunity In Hindi

आपकी रोगों से लड़ने की क्षमता कितनी मजबूत है इस बात का पता सर्दियों के मौसम में ही चलता है। खासकर मौसम में बदलाव होने पर जब आप बीमार पड़ते हैं। बार बार बीमार पड़ना कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता की निशानी है। हालांकि, रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम या इम्यूनिटी को मजबूत किया जा सकता है। इम्यूनिटी मजबूत करने के यहां हम आपको पांच आयुर्वेदिक उपाय बता रहे हैं। इससे आप न सिर्फ आम वायरल इन्फेक्शन से सुरक्षित रहेंगे बल्कि गंभीर बीमारियां भी आपके आसपास नहीं भटकेगी।  

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डाइजेशन को खराब ना होने दें

आयुर्वेद के अनुसार संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए डाइजेशन को बेहतर रखना बहुत जरूरी होता है। हमें एक मजबूत पाचक अग्नि बनाए रखना चाहिए। ताकि हम जो कुछ भी खाए वह आसानी से पच जाए। इसलिए हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आप जो कुछ भी खा रहे हैं वह आपके स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद हो। हमेशा घर का खाना खाएं। पैकेट बंद खाने से परहेज करें। अपनी डाइट में सीजनल सब्जियां और फलों को शामिल करें सुबह नाश्ता जरूर करें सोने से 2 घंटा पहले डिनर करें और पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है।   Also Read - क्यों कमजोर हो रहा तेलंगाना का हेल्थ सिस्टम? NFHS-6 के डाटा ने बताया किन बीमारियों का बढ़ रहा खतरा

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आयुर्वेदिक सुपरफूड्स को डाइट में जरूर शामिल करें

आंवला, खजूर, शुद्ध देसी घी, गुड़, तुलसी के पत्ते, हल्दी, अदरक, मसाले और ऐसे कई आयुर्वेदिक सुपर फूड हैं जो आपकी रसोई में मौजूद हैं जिन्हें आप अपनी डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं। इससे आप की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और आप बीमारियों से दूर भी रहेंगे। 

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काढ़ा जरूर पिएं 

कोरोना के बाद से काढ़ा पीने का प्रचलन काफी बढ़ गया है जबकि आयुर्वेद में काढ़ा प्राचीन काल से ही चलन में है। मगर कोरोना वायरस संक्रमण के बाद से इसकी डिमांड बढ़ गई। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि काढ़ा या हर्बल चाय एक बेहतरीन आयुर्वेदिक पेय पदार्थ है जिसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। Also Read - 30 की उम्र से पहले ही बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, एनर्जी ड्रिंक, स्मोकिंग या नींद क्या है इसके पीछे का कारण?

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नस्य चिकित्सा

नस्य थेरेपी एक आयुर्वेदिक उपचार है जिसमें नासिका मार्ग में घी, तिल के तेल या नारियल के तेल की कुछ बूंदों को लगाना शामिल है। आयुर्वेद के अनुसार, नस्य 5 पंचकर्म उपचारों में से एक है। इसे नहाने से एक घंटे पहले खाली पेट किया जा सकता है। सिर को पीछे खींचकर लेट जाना चाहिए और प्रत्येक नथुने में तेल की 4-5 बूंदें डालनी चाहिए। यह न केवल नासिका मार्ग और साइनस के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह प्रतिरक्षा को भी बनाए रखता है।

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ऑयल पुलिंग थेरेपी

जहां आपके मुंह में कुछ बैक्टीरिया फायदेमंद होते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो आपके स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार ऑयल पुलिंग थेरेपी आपको इन बैक्टीरिया से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकती है। ऑयल पुलिंग बैक्टीरिया को दूर करने के लिए अपने मुंह में तेल डालकर की जाने वाली एक प्राचीन प्रथा है। यह ओरल हाइजीन को बढ़ावा देता है और बीमारियों और संक्रमणों को दूर रखता है। आप नारियल के तेल, तिल के तेल के साथ ऑयल पुलिंग का अभ्यास कर सकते हैं। Also Read - क्या कार्डियो करने का गलत तरीका हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है? सही तरीका क्या है

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