अस्थमा का पता कैसे लगाया जाता है?- Best Test To Diagnose Asthma In Hindi
How to Diagnose Asthma in Hindi: अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी एक बीमारी है। जब वायुमार्ग में सूजन होती है, तो अस्थमा रोग विकसित होता है। अस्थमा रोग में वायुमार्ग संकरा हो जाता है। इसकी वजह से अस्थमा पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में मुश्किल हो सकती है। अस्थमा रोग बच्चों, वयस्कों या बुजुर्ग किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है। एलर्जी, वायरल संक्रमण, जेनेटिक और खराब मौसम अस्थमा के मुख्य कारण हो सकते हैं। अस्थमा पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सांस फूलना, घरघराहट और जकड़न जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है। यह एक दीर्घकालिक रोग है, जो लंबे समय तक रहता है। इसलिए अस्थमा का समय पर इलाज करवाना बेहद जरूरी होता है। समय पर इलाज तभी संभव है, जब इसका निदान जल्दी हो सके। अब आप सोच रहे होंगे कि अस्थमा रोग का पता कैसे चल सकता है? आइए, स्टार इमेजिंग और पैथ लैब के डायरेक्टर डॉ. समीर भाटी (Dr. Sameer Bhati, Director of Star Imaging and Path Lab Pvt. Ltd.) से जानते हैं अस्थमा के लिए कौन-से टेस्ट करवाने चाहिए?