अस्थमा रोग का पता लगाने के लिए कौन-से टेस्ट किए जाते हैं? डॉक्टर से जानें

Test to Diagnose Asthma in Hindi: अस्थमा एक गंभीर बीमारी है। इसका समय पर इलाज करवाना जरूरी होता है। अस्थमा रोग का पता लगाने के लिए आप इन टेस्ट को करवा सकते हैं।

Written by Anju Rawat | Published : March 30, 2025 3:58 PM IST

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अस्थमा का पता कैसे लगाया जाता है?- Best Test To Diagnose Asthma In Hindi

How to Diagnose Asthma in Hindi: अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी एक बीमारी है। जब वायुमार्ग में सूजन होती है, तो अस्थमा रोग विकसित होता है। अस्थमा रोग में वायुमार्ग संकरा हो जाता है। इसकी वजह से अस्थमा पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में मुश्किल हो सकती है। अस्थमा रोग बच्चों, वयस्कों या बुजुर्ग किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है। एलर्जी, वायरल संक्रमण, जेनेटिक और खराब मौसम अस्थमा के मुख्य कारण हो सकते हैं। अस्थमा पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सांस फूलना, घरघराहट और जकड़न जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है। यह एक दीर्घकालिक रोग है, जो लंबे समय तक रहता है। इसलिए अस्थमा का समय पर इलाज करवाना बेहद जरूरी होता है। समय पर इलाज तभी संभव है, जब इसका निदान जल्दी हो सके। अब आप सोच रहे होंगे कि अस्थमा रोग का पता कैसे चल सकता है? आइए, स्टार इमेजिंग और पैथ लैब के डायरेक्टर डॉ. समीर भाटी (Dr. Sameer Bhati, Director of Star Imaging and Path Lab Pvt. Ltd.) से जानते हैं अस्थमा के लिए कौन-से टेस्ट करवाने चाहिए?

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1. इमेजिंग टेस्ट

इमेजिंग टेस्ट उसे कहा जाता है, जिसमें शरीर के अंदर की तस्वीर ली जाती है। इस टेस्ट की मदद से अस्थमा रोग का पता भी लगाया जा सकता है। इसमें छाती का एक्स-रे और सीटी स्कैन शामिल होता है। इस टेस्ट में फेफड़ों की स्थिति का पता लगाया जाता है। इमेजिंग टेस्ट की मदद से फेफड़ों की कार्यक्षमता के बारे में पता चल सकता है। यह टेस्ट सुरक्षित और दर्द रहित होता है। Also Read - पिंक सॉल्ट सेहत के लिए कैसे है फायदेमंद? जानें सामान्य नमक से कैसे अलग है

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2. एलर्जी टेस्ट

एलर्जी टेस्ट की मदद से भी अस्थमा रोग का पता लग सकता है। दरअसल, एलर्जी अस्थमा के लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है। अगर व्यक्ति को किसी चीज से एलर्जी है, तो इससे अस्थमा के लक्षण बढ़ दिख सकते हैं। आप ब्लड टेस्ट करवा कर अस्थमा का पता लगा सकते हैं।

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3. पीक फ्लो टेस्ट

अगर आपको अस्थमा के लक्षणों का अनुभव होता है, तो पीक फ्लो टेस्ट जरूर करवाएं। पीक फ्लो टेस्ट से अस्थमा रोग का पता लगा सकता है। यह टेस्ट फेफड़ों से हवा को बाहर निकालने की गति को मापता है। जिन लोगों को अस्थमा होता है, उनमें फेफड़ों से हवा को बाहर निकालने की गति धीमी होती है। Also Read - दिमाग को थका देती है बार-बार सोचने की आदत, जानें कैसे करें कंट्रोल

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4. स्पाइरोमेट्री

स्पाइरोमेट्री टेस्ट करवाने से भी अस्थमा का पता लग सकता है। इस टेस्ट में फेफड़ों की कार्यक्षमता को मापा जाता है। इस टेस्ट में देखा जाता है कि आप कितनी तेजी से हवा अंदर ले रहे हैं और कितनी तेजी हवा बाहर छोड़ रहे हैं। इस टेस्ट को देखकर डॉक्टर अस्थमा का पता लगा सकते हैं।

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5. नाइट्रिक ऑक्साइड टेस्ट

नाइट्रिक ऑक्साइड टेस्ट को FeNo टेस्ट भी कहा जाता है। इस टेस्ट की मदद से अस्थमा रोग का पता लगाया जा सकता है। इस टेस्ट में व्यक्ति को सांस छोड़ने के लिए कहा जाता है और फिर नाइट्रिक ऑक्साइड की मात्रा को मापकर वायुमार्ग में सूजन का पता लगाया जाता है। अस्थमा रोगियों को वायुमार्ग में सूजन देखने को मिलती है। Also Read - चांदी के गिलास का पानी होता है बेहद फायदेमंद, रोज पीने से दूर हो जाएंगी ये 4 समस्याएं