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अस्थमा होने पर शुरुआत में दिखाई देते हैं ये 4 लक्षण, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें वायुमार्ग में सूजन आ जाती हैं और मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। इसकी वजह से अस्थमा रोगियों में कई लक्षण विकसित हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं-

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Written By: Anju Rawat | Published : July 5, 2026, 1:01 PM

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अस्थमा के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

धूल और प्रदूषण बढ़ने की वजह से अस्थमा रोगियों के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। आपको बता दें कि यह बीमारी संक्रामक नहीं होती है, यानी एक से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अस्थमा बच्चों और वयस्कों दोनों को प्रभावित कर सकता है। इसे बच्चों में होने वाली सबसे आम क्रॉनिक बीमारी माना गया है। दरअसल, जब फेफड़ों की छोटी वायुमार्गों में सूजन आती है और वे संकुचित हो जाते हैं, तब अस्थमा के लक्षण विकसित होने लगते हैं। आंकड़ों की मानें तो साल 2023 में दुनियाभर में लगभग 36 करोड़ लोग अस्थमा से प्रभावित थे। इस बीमारी की वजह से हर साल लाखों लोग अपनी जान भी गंवाते हैं। लेकिन, सही समय पर जांच और इलाज से इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

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1. लगातार खांसी होना

Asthma and Allergy Foundation of America के अनुसार, अगर आपको पिछले कुछ समय से लगातार खांसी बनी हुई है, तो इस संकेत की बिल्कुल अनदेखी न करें। अस्थमा रोगियों को रात के समय खांसी ज्यादा परेशान कर सकती है। दरअसल, अस्थमा में फेफड़ों के वायुमार्ग में सूजन आ जाती है और वे संकुचित हो जाते हैं। इस स्थिति में फेफड़े रुकावट को दूर करने के लिए शरीर को खांसी का संकेत देते हैं। Also Read - दिल्ली के 10 में 3 बच्चों में फेफड़ों की दिक्कत! Study में सामने आई चिंता बढ़ाने वाली बात

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2. सांस छोड़ते समय सीटी जैसी आवाज आना

WHO के अनुसार, अस्थमा रोगियों में एक लक्षण सबसे आम है- सांस छोड़ते समय सीटी जैसी आवाज आना। जब फेफड़ों या गले के वायुमार्ग में सूजन आ जाती है, तो जब हवा इस संकुचित रास्ते से निकलती है तो कंपन महसूस होती है। इसकी वजह से सांस छोड़ते समय सीटी जैसी आवाज आ सकती है।

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3. सांस फूलने की समस्या होना

अगर सीढ़ियां चढ़ते समय या कोई काम करते हुए अचानक से सांस फूलने लगती है, तो यह भी अस्थमा का शुरुआती संकेत हो सकता है। WHO के अनुसार, जब फेफड़ों के वायुमार्ग में सूजन आती है, तो धूल या धुएं के संपर्क में आने से मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। इसकी वजह से सांस फूलने की दिक्कत होती है। अगर आपको भी बार-बार सांस फूलने लगती है, तो इस लक्षण की बिल्कुल अनदेखी न करें। Also Read - अस्थमा के छुपे हुए लक्षण, जिन्हें अक्सर हम कर देते हैं नजरअंदाज

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4. सांस लेने में तकलीफ होना

अस्थमा रोगियों को सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। अगर आपको लंबे समय से सीने में जकड़न महसूस हो रही है, तो इसकी वजह से आपको सांस लेना मुश्किल हो सकता है। फेफड़ों के वायुमार्ग में सूजन की वजह से मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं और बलगम गाढ़ा बनने लगता है। फिर जब फेफड़े धूल या प्रदूषण के संपर्क में आते हैं, तो नलिकाएं संकरी हो जाती हैं और इससे हवा का अंदर-बाहर जाना मुश्किल हो सकता है। इसकी वजह से अस्थमा रोगियों को सांस लेने में मुश्किल महसूस हो सकती है।

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क्या अस्थमा का इलाज संभव है?

जी हां, अस्थमा का इलाज संभव है। लेकिन, अस्थमा को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। सही इलाज से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। अस्थमा के इलाज में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला तरीका इनहेलर (Inhaler) है। यह दवा को सीधे फेफड़ों तक पहुंचाता है। यह तेजी से असर करता है और लक्षणों को कम करने में मदद करता है। हालांकि, ये लक्षण सिर्फ अस्थमा के नहीं हैं। कई दूसरी बीमारियों की वजह से भी ये लक्षण महसूस हो सकते हैं। इसलिए अगर इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। Also Read - नॉर्मल फेफड़े और अस्थमा वालों के फेफड़ों में क्या फर्क है? जानिए अस्थमा में फेफड़े कैसे बदल जाते हैं