दिल तक जाने वाली नसों को कमजोर कर देती हैं ये 5 बीमारियां! तीसरा कारण 10 गुना तक बढ़ाता है खतरा

हार्ट अटैक एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दिल तक जाने वाली नसों में रक्त का बहाव कम या फिर बंद हो जाता है और उसके पीछे ढेर सारे कारण छिपे हो सकते हैं। जानिए दिल की नसों को कमजोर करने वाले 5 कारण।

Written by Jitendra Gupta | Published : April 7, 2022 10:32 AM IST

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दिल की नसों को कमजोर कर देती हैं ये 5 बीमारियां

हर गुजरते दिन के साथ आपको ऐसे किस्से सुनने को मिल जाएंगे कि फलाने व्यक्ति की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई या उसे हार्ट अटैक पड़ गया। 35 से 45 के बीच की उम्र के लोगों में ये खतरा ज्यादा देखने को मिलता है और मौजूदा वक्त में सबसे ज्यादा लोग इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। ऐसा नहीं है कि कोई व्यक्ति रातों रात इस बीमारी का शिकार हो जाता है बल्कि बीते कई दिनों से अंदर ही अंदर उसके दिल की नसें कमजोर हो रही होती हैं, जिसकी वजह से ये स्थिति होती है। हार्ट अटैक एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दिल तक जाने वाली नसों में रक्त का बहाव कम या फिर बंद हो जाता है और उसके पीछे ढेर सारे कारण छिपे हो सकते हैं। आइए जानते हैं दिल की नसों को कमजोर करने वाले 5 कारण, जो हार्ट अटैक का भी कारण बनते हैं।

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1-हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन हार्ट अटैक के सबसे प्रमुख कारणों में से एक है। आम तौर पर जब रक्त का दबाव आपकी नसों पर ज्यादा होने लगता है और रक्त प्रवाह बाधित होना शुरू हो जाता है तो आपके दिल के लिए रक्त को पंप करना मुश्किल हो जाता है, जो हार्ट अटैक की वजह बनता है।  Also Read - योग, आयुर्वेद, पंचकर्म और नेचुरोपैथी से पंतजलि योगपीठ में होता है बीमारियों का इलाज, जानें क्या है ट्रीटमेंट का पूरा प्रोसेस

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2-बैड कोलेस्ट्रोल

ब्लड कोलेस्ट्रोल दो प्रकार का होता है, पहला एलडीएल और दूसरा एचडीएल। एलडीएल को लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन कहते हैं, जिसे बैड कोलेस्ट्रोल के रूप में जाना जाता है, जो हमारी दिल की नसों में प्लाक को जमा करने में मदद करता है। इसी की वजह से रक्त का बहाव शरीर के दूसरे हिस्सों में नहीं जा पाता है और आपका शरीर लकवा ग्रस्त हो जाता है।

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3-मोटापा

मोटापा दिल के दौरे की संभावना को 10 गुना तक बढ़ा देता है। दरअसल मोटे लोगों को शरीर के जरूरी अंगों के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए ज्यादा रक्त की जरूरत होती है। जिस कारण से उनका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट अटैक का प्रमुख कारण बनता है।  Also Read - वजन घटाने के लिए कितना सही है Bariatric Surgery, जानें किन लोगों के लिए है फायदेमंद

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4-डिप्रेशन

डिप्रेशन से स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होते हैं और ये शरीर में इंफ्लेमेटरी रसायनों को बढ़ाती है, जो आपकी नसों को संकरा बनाने का काम करते हैं। इतना ही नहीं ये जीवनशैली कारकों पर भी प्रभाव छोड़ते हैं, जो सीधे आपके शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। मानसिक समस्याएं आपको दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने का काम करती हैं।

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5-धूम्रपान

दिल की बीमारियों का दूसरा सबसे बड़ा जोखिम कारक है धूम्रपान। वे व्यस्क, जो धूम्रपान करते हैं उन्हें ऐसा करने वाले लोगों की तुलना में हार्ट अटैक का बहुत ज्यादा खतरा रहता है। बहुत से अध्ययन में ये साबित हो चुकी है कि धूम्रपान करने से दिल के रोगों का खतरा 8 गुना तक बढ़ जाता है।  Also Read - इन 5 लोगों के लिए नुकसानदेह हो सकता है पपीता, रोजाना खाने से बढ़ सकती हैं परेशानियां