पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम से पीड़ित महिलाओं को जरूर करने चाहिए ये 4 योगासन

हलासाना योग आमतौर पर सर्वांगासन योग के बाद किया जाता है, जो मूल रूप से एक कंधे का स्टैंड है। यह आसन पीसीओएस में बहुत ही लाभदायक है।

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Written By: Anshumala | Published : May 29, 2019 12:31 PM IST

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) महिलाओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो कि अंडाशय में अल्सर के रूप में होती है। पॉलीसिस्टिक अंडाशय सामान्य अंडाशय से बड़े होते हैं। डिम्बग्रंथि रोग होने के कारण पीसीओडी गर्भावस्था, पीरियड्स, डायबिटीज और हृदय समारोह के दौरान समस्याओं का कारण बनता है। आज 5 से 10 % महिलाएं इससे प्रभावित हैं। हर तीन महिलाओं में से एक को पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम होता है। यह विशेषकर छोटी आयु वर्ग में अधिक होता है।

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम के कई कारण हो सकते हैं। यह रोग मां से उसके बच्चे में स्थानांतरित हो सकता है। इसके मुख्य कारण तनाव और थकान, चिरस्थायी तनाव (Perennial tension), खराब जीवनशैली, चिंता और डिप्रेशन आदि है।

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नौकासन

पीसीओएस उपचार के लिए आप नौकासन कर सकती हैं। यह पेट की चर्बी को कम करने का सबसे अच्छा तरीका भी है। यह प्रजनन अंगों में उचित रक्त प्रवाह और अंडाशय के समुचित कार्य को सुनिश्चित करता है। नौकासन करने के लिए आप दोनों पैरों को अपने सामने सीधा करके बैठ जाएं। अब दोनों पैरों को सीधा रखते हुए ऊपर की ओर उठाएं। थोड़ा सा पीछे की ओर झुक कर संतुलन बनाएं। हाथों को अपने आगे की ओर सीधा रखें। इस मुद्रा में आपके पैरों और शरीर के ऊपरी हिस्से के मध्य कमर पर 45 डिग्री का कोण बनना चाहिए। इस आसन में आप अपनी क्षमता के अनुसार कुछ सेकंड करने का प्रयास करें।

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पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन योग पेट और पाचन समस्याओं के लिए भी बेहतर होता है। यह पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है। रक्त परिसंचरण बढ़ाता है। इस आसन को करने के लिए आप फर्श पर सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों को घुटने से मोड़ें और घुटने को अपने मुंह की तरफ कर लें। अपने कंधों को ऊपर उठाएं। अपनी नाक से घुटने को छूने का प्रयास करें। इस आसन को आप 10 से 60 सेकंड के लिए करने का प्रयास करें।

yoga for PCOS 1 पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम है, तो करें बालासन। © Shutterstock.

बालासन

बालासन एक वक्र या बेंड पोज है, जो रीढ़ और निचले हिस्से को फैलाता है। बालासन को चाइल्ड्स पोज भी कहते हैं। यह मासिक धर्म की ऐंठन से राहत देता है। इस आसन को करने से पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह सामान्य होता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं। वज्रासन की मुद्रा में बैठें। अब गहरी सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को सामने की ओर झुकाएं। दोनों हाथ पीछे की ओर रखें। शरीर को झुकाते समय कोशिश करें कि सिर सामने जमीन को छूए। अब जितना हो सके, उतनी देर तक इसी स्थिति में रहने की कोशिश करें। फिर सांस छोड़ते हुए शरीर के ऊपरी भाग को उठाते हुए फिर से वज्रासन की मुद्रा में आ जाएं।

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हलासाना

हलासाना योग आमतौर पर सर्वांगासन योग के बाद किया जाता है, जो मूल रूप से एक कंधे का स्टैंड है। यह आसन पीसीओएस में बहुत ही लाभदायक है। इसे करने के लिए आप सीधे हाथ-पैर करके लेट जाएं। अब अपने दोनों पैरों को कमर के यहां से मोड़ें और ऊपर करें। अपने दोनों हाथों को सीधा जमीन पर रखें। दोनों पैरों को धीरे-धीरे अपने सिर के पीछे की ओर जमीन से लगाने की कोशिश करें। इस स्थिति में अपनी क्षमता के अनुसार रहने की कोशिश करें। फिर अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।

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