World Parkinson’s Disease Day 2019: पार्किन्संस रोग से लड़ना है तो इन 4 बातों का रखें ख्याल

पार्किन्संस रोग के प्रमुख लक्षणों को अगर देखें तो कंपकंपी, शरीर में जकड़न, सुस्ती लगना और चलने फिरने में संतुलन बनाने में परेशानी आती है। पार्किन्संस रोग जब बढ़ने लगता है तो लोगों में स्ट्रेस और डिप्रेशन की भी शिकायत हो जाती है।

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Written By: akhilesh dwivedi | Published : April 11, 2019 1:35 PM IST

पार्किन्संस रोग एक ऐसा रोग है जो इंसान को कमजोर महसूस कराता है। पार्किन्संस रोग के लिए कई कारण होते हैं एक्सपर्ट्स के अनुसार यह जेनेटिक कारण से भी होता है। पार्किन्संस रोग पर्यावरण के कारण भी हो सकता है। पार्किन्संस रोग युवाओं और बुजुर्गों को समान रूप से प्रभावित करता है। भारत की नजर से देखें तो इसके प्रति लोगों में जागरूकता की बहुत कमी है। पार्किन्संस रोग को कुछ प्रारंभिक लक्षणों से अगर पहचाना जाए तो इससे होने वाली गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है।

पार्किन्संस रोग के प्रमुख लक्षणों को अगर देखें तो कंपकंपी, शरीर में जकड़न, सुस्ती लगना और चलने फिरने में संतुलन बनाने में परेशानी आती है। पार्किन्संस रोग जब बढ़ने लगता है तो लोगों में स्ट्रेस और डिप्रेशन की भी शिकायत हो जाती है। कुछ मामलों में पार्किन्संस रोग से पीड़ित इंसान डिमेंशिया का भी शिकार हो जाता है। इनमें से किसी भी तरह के लक्षण दिखें तो न्यूरोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए और मूवमेंट से जुड़े विकारों से बचने के लिए कुछ खास उपाय हैं जिन्हें लाइफ में अपनाना चाहिए।

समय पर सोना 

इंसान के हेल्थ के लिए सबसे जरूरी काम है बेहतर नींद लेना। अगर आप अच्छी नींद नहीं लेते हैं तो आपके नर्व सिस्टम में समस्या हो सकती है। अपने सोने के लिए जब भी जाएं तो ये जरूर देखें की वहां पर्याप्त शांति हैं। बेहतर नींद के लिए शांति और डार्क प्लेस सबसे जरूरी होता है। अगर आप अच्छी नींद लेते हैं तो पार्किन्संस रोग से भी बचे रहते हैं।

नाश्ता है जरूरी 

अगर आप अपनी डेली लाइफ में नाश्ता करना नहीं भूलते हैं तो आप कई बीमारियों से बचे रहते हैं। पार्किन्संस रोग के खतरे को कम करना है तो आपको अपने नाश्ते का समय और डाइट में हेल्दी चीजों को खाना चाहिए। सुबह के नाश्ते में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा लेनी चाहिए। नाश्ते में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट के साथ विटामिन वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। नाश्ते में अंकुरित अनाज और दूध को शामिल कर सकते हैं। नाश्ते में ड्राई फ्रूट भी खाना चाहियए।

एक्सरसाइज और वर्कआउट है जरूरी 

पार्किन्संस रोग हो या कोई और बीमारी इंसान को तब होती है जब उसका स्टेमिना और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। अगर आप पार्किन्संस रोग से बचना चाहिते हैं तो आपको रोजाना एक्सरसाइज करनी चाहिए। पार्किन्संस रोग में इंसान के नर्व सिस्टम पर असर पड़ता है अगर आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं तो आपको इस बीमारी का खतरा कम होता है।

डाइट में विटामिन और मिनरल्स जरूरी 

डाइट में जरूरी विटामिन और मिनरल्स शरीर को ऊर्जा देने के साथ नर्व सिस्टम को भी मजूबत रखते हैं। अगर आपके खाने में विटामिन की कमी है तो आप पार्किन्संस रोग के शिकार हो सकते हैं। शरीर में किसी भी विटामिन की कमी होने पर सबसे पहला असर शरीर की नर्व पर पड़ता है। अपने डाइट प्लान को जरूर देखे कि आप रोजाना डाइट में किसी विटामिन को छोड़ तो नहीं रहे हैं।

मेटाबॉलिज्म बेहतर रखें और पार्किन्संस रोग से दूर रहें

इंसान में मोटापा हो या ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी कमजोर मेटाबॉलिज्म के कारण होता है। मेटाबॉलिज्म कमजोर होने पर पार्किन्संस रोग की संभावना भी बढ़ जाती है। अपना मेटाबॉलिज्म बेहतर रखने के लिए समय पर भोजन और जरूरी कसरत, व्यायाम और वर्कआउट करना चाहिए। मेटाबॉलिज्म आपका बेहतर रहता है तो पार्किन्संस रोग से लड़ने में भी आसानी होती है।

पार्किन्संस रोग से अनार और मिर्च का सेवन बचा सकता है।

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