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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : April 11, 2019 1:27 PM IST
पार्किन्संस रोग हो या कोई अन्य बीमारी हर इंसान यही चाहता है कि वह बीमारी का शिकार न बनें। किसी भी बीमारी का शिकार बनने से अगर बचना है तो आपनी डेली लाइफ में खान-पान को जरूर ध्यान देना होता है। ©Shutterstock.
पार्किन्संस रोग एक ऐसी बीमारी है जो इंसान के बुढ़ापे को परेशानी में डाल देती है। ऐसा नहीं है कि यह बीमारी सिर्फ बुढ़ापे में ही होती है। यह बीमारी किसी को भी और किसी भी उम्र में हो सकती है। पार्किन्संस रोग हो या कोई अन्य बीमारी हर इंसान यही चाहता है कि वह बीमारी का शिकार न बनें। किसी भी बीमारी का शिकार बनने से अगर बचना है तो आपनी डेली लाइफ में खान-पान को जरूर ध्यान देना होता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो इंसान का खान-पान उसे सिर्फ मजबूत शरीर और ऊर्जा ही नहीं देता बल्कि उसे कई तरह के रोगों से बचाता भी है।
पार्किन्संस रोग को लेकर कई तरह की रिसर्च होती रहती है। जैसा की आज विश्व पार्किन्संस दिवस है तो आज के दिन पार्किन्संस रोग से बचने के बारे में जरूर जानना चाहिए। अगर आप अपनी सेहत का ख्याल रखते हैं तो कुछ ऐसी डाइट के बारे में जरूर जानना चाहिए जो रोगों से बचाने का काम करती हैं।
अनार में पार्किन्संस रोग से कैसे बचाता है यह सवाल सबसे अहम है। इसके लिए हमें यह जनना जरूरी है कि अनार में कौन से तत्व पाये जाते हैं जो पार्किन्संस रोग से बचने में मदद करते हैं। अनार में पाये जाने वाले टैनिन, पॉलिफिनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियमित करने का काम करते हैं। पार्किन्संस रोग सबसे ज्यादा उन लोगों में होने की संभावना होती है जो ब्लड प्रेशर के मरीज होते हैं।
अनार पार्किन्संस रोग से बचाने में इसलिए भी मददगार होता है क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन भी पाये जाते हैं जो इंसान के तंत्रिका तंत्र को पोषण देने के लिए जरूरी होती हैं। इंसान का तंत्रिका तंत्र हमेशा ठीक रहे इसके लिए विटामिन और मिनरल्स वाले फूड बेहद जरूरी होते हैं। तो अगर आपको पार्किन्संस रोग से दूर रहना है तो एक अनार का सेवन रोजाना करना चाहिए।
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मिर्च के सेवन से पार्किन्संस रोग होने की संभावना घट जाती है। यह बात जर्नल एनल्स आफ न्यूरोलोजी में प्रकाशित एक शोध से पता चलती है। शोध में जो चौकाने वाली बात थी वो यह थी कि निकोटीन का सेवन पार्किन्संस रोग में फायदेमंद होता है। लेकिन शोधकर्ताओं ने निकोटीन से होने वाली अन्य जानलेवा बीमारी के खतरे को देखते हुए यह खोज करने की कोशिश की कि अन्य हेल्थी खाद्य पादार्थ कौन हैं जिनमें निकोटीन पाया जाता है। इस शोध में यह बात सामने आयी कि मिर्च, टमाटर में भी निकोटीन पाया जाता है। टमामटर की तुलना में मिर्च में पर्याप्त मात्रा में निकोटीन पाया जाता है।
इस शोध के आगे भी वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं कि कितनी मिर्च रोजाना खाने से पार्किन्संस रोग का खतरा कम हो जाता है। आगे आने वाले समय में और भी शोध होगें। लेकिन इस बात से यह तो तय हो जाता है कि अगर आप मिर्च का सेवन करते हैं तो आपको पार्किन्संस रोग का खतरा कम होता है।
पार्किन्संस रोग कोई लाइलाज बीमारी नहीं है लेकिन इसका इलाज इतना आसान भी नहीं है। जैसा की हम सभी जानते हैं कि तंत्रिका तंत्र की बीमारियों का इलाज बेहद मुश्किल और कम परिणाम देने वाला होता है। पार्किन्संस रोग से बचने के लिए इससे बचने के बारे में सोचना चाहिए। अनार और अन्य फलों के सेवन से आप अपने तंत्रिका तंत्र को मजबूत कर सकते हैं।
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