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Written By: Anshumala | Published : April 11, 2020 3:05 PM IST
वर्ल्ड पार्किंसंस डे 2020 पर जानें, उन आसनों के बारे में जो पार्किंसंस डिजीज को बढ़ने से रोकते हैं।
World Parkinson’s Day 2020: 'वर्ल्ड पार्किंसंस डे' यानी 'विश्व पार्किंसंस दिवस' दुनिया भर में 11 अप्रैल को मनाया जाता है। पर्किंसंस डिजीज मुख्य रूप से नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। यह एक प्रकार का ऐसा डिसऑर्डर है, जो पूरे शरीर की गतिविधियों को प्रभावित कर देता है। इस रोग के होने पर शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसा क्यों होता है, इसके बारे में अब तक कोई सटीक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। प्रत्येक वर्ष पार्किंसंस रोग को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए 11 अप्रैल को 'वर्ल्ड पार्किंसंस डे' मनाया जाता है। चूंकि, इसमें व्यक्ति का सेंट्रल नर्वस सिस्टम प्रभावित हो जाता है, जिसे आप कुछ योग के नियमित अभ्यास के जरिए कंट्रोल में रख सकते हैं। जानें, कुछ खास योगासनों के बारे में, जो शरीर पर काफी हद तक संतुलन बनाने में आपकी मदद करेंगे...
इस पीड़ित लोगों में कंपकंपी, धीमी गतिविधि, सख्त मांसपेशियां, शरीर की असाधारण मुद्रा और संतुलन, स्वाभाविक गतिविधियों पर विराम, बोली में बदलाव, लिखावट में बदलाव आदि लक्षण नजर आने लगते हैं। हालांकि, लक्षण हर व्यक्ति में एक समान नहीं होते हैं।
पार्किंसंस के लक्षण शुरुआती हों, तो इस रोग को आप योगासन के जरिए भी कंट्रोल कर सकते हैं। योग की विभिन्न क्रियाओं से स्नायु और मांसपेशियों को शक्तिशाली बनाया जाता है। शुरुआत में कोई भी आसन या एक्सरसाइज करने से आपको थकान महसूस हो सकती है। आप प्रतिदिन खुली हवा में दो से तीन किलोमीटर तक टहलें। स्विमिंग करने से भी लाभ होता है। पार्किंसंस डिजीज से ग्रस्त लोगों को ताड़ासन, पवनमुक्तासन, उत्तानपादासन, इन तीन योगासनों का अभ्यास जरूर करना चाहिए। इसके अलावा आप धनुरासन, भुजंगासन, नौकासन, गोमुखासन, शवासन, योगनिद्रा का अभ्यास भी करके पार्किंसंस के लक्षणों को बढ़ने से रोक सकते हैं।
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ताड़ासन के (Tadasana) नियमित अभ्यास से आप काफी हद तक पार्किंसंस के लक्षणों को बढ़ने से रोक सकते हैं। इसका अभ्यास करने के लिए बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं। आपको खड़े ऐसे होना है, ताकि आपकी दोनों एड़ियां एक-दूसरे को छुएं। अब अपने दोनों हाथों की हथेलियों को एक साथ मिलाएं। फिर, दोनों को एक-साथ ऊपर की तरफ लेकर आते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं। पैरों की उंगुलियों के बल खड़े हो जाएं। अब दोनों हाथों को खोलते हुए नीचे की तरफ ले आएं। इस बीच अपने शरीर में ज्यादा से ज्यादा खिंचाव लाने की कोशिश करें। यह योगासन आपके पेट की मांसपेशियों को फिट रखता है। उन्हें सही शेप देता है। इसके साथ-साथ यह घुटनों और एड़ियों की क्षमता को भी बढ़ाता है।
उत्तानपादासन करने के लिए सबसे पहले बैठ जाएं। अब पैरों को आगे की तरफ फैलाएं और तलवों को आगे की ओर तानें। फिर चार-पांच बार गहरी सांस लेकर आसन लगाए हुए ही पीठ के बल लेट जाएं। सांस छोड़ते हुए गर्दन को ऊपर की ओर उठाएं। अंत में, हाथों के सहारे सिर के ऊपरी हिस्से को जमीन पर टिकाएं। इस अवस्था में कमर को जमीन से जितना संभव हो, ऊपर की तरफ उठाएं। हथेलियां पैरों के समानान्त रहें। सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे गर्दन को सीधा कर शवासन में आ जाएं।
पवनमुक्तासन पार्किंसंस को काबू में रखने के साथ ही गैस, कब्ज, बवासीर से परेशान लोगों के लिए भी लाभकारी आसन है। पीठ के बल सीधे लेट जाएं। धीरे-धीरे सांस लें। अपने पैरों को एक साथ उठाएं और पैर के घुटनों को मोड़ें। अपने पैर के घुटनों को छाती की तरफ अपने मुंह के पास लाएं और पैरों को अपने हाथों की उगंलियों से जकड़ लें। आपकी जांघें आपके पेट को छूना चाहिए और आपके पैर के घुटने आपकी नाक को छुए ऐसा प्रयास करें। इस स्थिति में 20 से 30 सेंकड तक रहें। धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में वापस आ जाएं। इस आसन को आप दिन में 5 से 10 बार करें।