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ORS Benefits for Baby: आज के समय में हर किसी को ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (Oral Rehydration Solution) की जानकारी होना जरूरी है। लेकिन आज भी ज्यादातर पेरेंट्स को इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। आज विश्व ओआरएस दिवस के मौके पर हेल्थ एक्सपर्ट्स इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले हैं। बच्चे के अच्छे स्वास्थ्यके लिए ओआरएस बहुत जरूरी है और उसके फायदे भी तभी मिल पाएंगे जब उसको सही समय पर दिया जाता है। इसलिए आपको भी यह जानना जरूरी है कि ओआरएस कब और क्यों दिया जाता है। इस बारे में हमने डॉ. रणधीर खुराना, पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजिस्ट, मदरलैंड हॉस्पिटल नोएडा से कुछ जरूरी बात की उन्होंने इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी कि बच्चो को किस कब और कैसे ओआरएस देना चाहिए और उससे क्या फायदे होंगे।
डॉक्टर रणधीर खुराना के अनुसार छोटे बच्चों को ओ.आर.एस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) कब और कैसे देना चाहिए, यह हर माता-पिता को जानना जरूरी है क्योंकि यह बच्चों में डिहाइड्रेशनको रोकने में मदद करता है, खासकर दस्त या उल्टी के समय। जब बच्चे को दस्त या उल्टी हो, तो उसकी बॉडी से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है।
बच्चे के शरीर में पानी की कमी होने जैसी ऐसी स्थिति में ओ.आर.एस का उपयोग किया जाता है। ओ.आर.एस को बच्चों को तब देना चाहिए जब उन्हें गंभीर डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखें, जैसे कि पेशाब कम आना, मुंह का सूखा होना, सुस्ती या थकावट महसूस होना। अगर बच्चे में ऐसे लक्षण होने लगते हैं, तो ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेना भी बहुत जरूरी है। (और पढ़ें - घर पर ओआरएस कैसे बनाएं)
ओ.आर.एस का सेवन छोटे चम्मच या कप से धीरे-धीरे कराना चाहिए, ताकि बच्चे आराम से इसे पी सके और उल्टी न हो। दिन भर में बच्चे को नियमित अंतराल पर ओ.आर.एस दिया जाना चाहिए, खासकर जब दस्त या उल्टी जारी हो, लेकिन अगर बच्चे की हालत खराब हो या डिहाइड्रेशन गंभीर हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, ताकि स्थिति को गंभीर होने से पहले उसे कंट्रोल किया जा सके।
ओ.आर.एस के पैकेट को साफ पानी में ठीक मात्रा में घोलकर ही देना चाहिए, नींबू या कोई अन्य चीज मिलाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे उसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है। ओ.आर.एस को ज्यादा मात्रा में एक साथ नहीं देना चाहिए, बल्कि छोटे-छोटे हिस्सों में देना बेहतर होता है ताकि बच्चे की बॉडी उसे धीरे-धीरे अवशोषित कर सके। ऐसे में, ओ.आर.एस बच्चे को तब और उतनी मात्रा में देना चाहिए जब उसकी जरूरत हो, ताकि वह सुरक्षित और जल्दी ठीक हो सके। आने वाले मौसम में ये बातें खासकर तब और अधिक ज़रूरी होती हैं जब दस्त और उल्टी के मामले बढ़ते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
ओआरएस की सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, वजन, और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। बच्चों को हर दस मिनट में एक छोटा-छोटा गिलास दिया जा सकता है। वहीं, वयस्कों के लिए तीन से चार गिलास ओआरएस पीना सुरक्षित माना जाता है। लेकिन इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
हां, बुखार में ओआरएस पिया जा सकता है। खासकर, यदि आपको दस्त या उल्टी भी हो रही हो। ओआरएस शरीर में तरल पदार्थों और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
ओआरएस लेते समय हमेशा ताजे घोल का ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा, हमेशा उबले या फिल्टर किए हुए पानी का प्रयोग करें और डोज सीमित रखें।
ओआरएस का ज्यादा सेवन से शरीर में अतिरिक्त लवण और खनिज जमा हो सकते हैं। इसके कारण गठिया और डायबिटीज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।