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Written By: Anshumala | Updated : October 9, 2018 3:09 PM IST
एक से चार साल तक के बच्चों को भरपूर कैलोरी और पौष्टिक तत्व की जरूरत होती है।
कल (10 अक्टूबर) है ''विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस''। मानसिक रूप से हेल्दी रहना हम सभी के लिए जरूरी है। यदि आप मेंटली हेल्दी और फिट हैं, तो कोई भी काम आसानी से कर सकते हैं। हालांकि, तेज, होशियार और बुद्धिमान दिमाग आप तभी पाते हैं, जब बचपन से ही डायट में पौष्टिक चीजों को शामिल करते हैं। ऐसे में बच्चों को मेंटली हेल्दी रखने के लिए इस बात का ध्यान कम उम्र से ही देना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य को कभी न करें इग्नोर, ऐसे रखें मेंटल हेल्थ का ख्याल
अक्सर छोटे बच्चे खाने-पीने में नखरे दिखाते हैं। अधिकतर पेरेंट्स अपने बच्चों की इस आदत को लेकर परेशान और चिंतित रहते हैं। चिंतित रहना जायज भी है, क्योंकि बच्चे के शरीर में हर तरह की पौष्टिक चीजें नहीं जाएंगी, तो उसे पोषण की कमी हो सकती है। कम उम्र में शरीर में पोषक तत्वों के न पहुंचने से शारीरिक और मानसिक विकास भी ठीक से नहीं हो पाता। ऐसे में बच्चे की जिंदगी के शुरुआती वर्षों में पौष्टिक आहार का खास महत्व है। हेल्दी फूड से बच्चे का दिमागी विकास, दांत, हड्डियां मजबूत होती हैं। मजबूत मांसपेशियां तभी बनेंगी, जब बच्चे को नियमित और पौष्टिक आहार मिलता रहे। वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे: बुजुर्गों में डिप्रेशन की 5 बड़ी वजहें!
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मानसिक विकास के लिए है जरूरी
एक से चार साल तक के बच्चों को भरपूर कैलोरी और पौष्टिक तत्व की जरूरत होती है क्योंकि उसका शारीरिक व मानसिक विकास उसी पर निर्भर होता है। बच्चों की खाने-पीने की आदतें उनके मूड पर निर्भर होती हैं इसलिए जरूरी है कि उन्हें जल्दी-जल्दी भोजन दिया जाए। खाने की चीजों में भरपूर पौष्टिक तत्व शामिल हों।
खाने-पीने में क्या करें शामिल
प्राकृतिक रंग है जरूरी- सूखे मेवे, साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, विभिन्न रंगों के फल व सब्जियां (काले अंगूर, बेर, चुंकदर, आलूबुखारे आदि)। खाने में तरह-तरह की चीजों को शामिल करने से सभी प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हैं। आहार में प्राकृतिक रूप से रंगों की जितनी विविधता होगी पोषण के लिहाज से उतना ही अच्छा होगा। बच्चों में 5 से 12 वर्ष की आयु में प्रोटीन की आवश्यकता होती है दोगुनी, यूं करें उनकी डायट में प्रोटीन शामिल
सोडियम- बच्चे तरल पदार्थ का सेवन बहुत कम करते हैं इसलिए उन्हें सोडियम का सेवन जरूर करना चाहिए। शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बनाए रखने के लिए यह काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा रक्त का पी.एच. लेवल नियमित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
मैंग्नीज से हों हड्डियां मजबूत- बच्चों की हड्डियों को मजबूत और उसके निर्माण के लिए बहुत महत्वपूर्ण तत्व है। इसके अलावा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट के चयापचय में सहायक होता है। वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे: इन 6 संकेतों से पहचाने की आपके प्रियजन डिप्रेशन की चपेट में हैं !
हृदय को हेल्दी रखे मैग्नीशियम- हृदय दर (रिदम) को नियमित करने के लिए मैग्नीशियम महत्वपूर्ण है। यह रक्त में मौजूद ब्लड ग्लुकोज को ऊर्जा में परिवर्तित करने में सहायक होता है। साथ ही कैल्शियम और विटामिन-सी जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों के चयापचय के लिए आवश्यक है।
थायरॉइड से बचाने के लिए दें आयोडीन- थायरॉइड ग्रंथि के कार्य और विकास के लिए अत्यावश्यक होता है। फैट के चयापचय, यह ऊर्जा के उत्पादन और शरीर के विकास के लिए सहायक है।