बच्चे का देर से चलना, रुक रुककर बोलना कहीं Down Syndrome का संकेत तो नहीं? एक्सपर्ट्स से जानिए

World Down Syndrome Day: डाउन सिंड्रोम जैसे जेनेटिक विकारों से जुड़ी जानकारी भी लोगों को काफी कम है, जिसके बारे में जानना जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स इस बारे में बेहद महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं, जिसके बारे में आप इस लेख में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : March 21, 2025 6:31 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sunita Bijarnia

What is down syndrome: आज भी बहुत से ऐसे रोग हैं, जिनके बारे में लोगों को बहुत ही कम जानकारी है। लेकिन इन रोगों के जुड़ी जानकारी होना जरूरी है। डाउन सिंड्रोम भी ऐसा ही एक जेनेटिक डिसऑर्डर है, जो बचपन से ही देखा जाता है और इसलिए यह एक जन्मजात विकार दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल जेनेटिक्स एंड जीनोमिक की वाइस चेयरपर्सन, डॉक्टर सुनीता बिजारणिया माहे ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की। डॉ. सुनीता के अनुसार डाउन सिंड्रोम एक जन्मजात विकार है, जो तब होता है जब किसी व्यक्ति के शरीर में सामान्य से एक अतिरिक्त क्रोमोसोम 21 होते हैं। सामान्यतः: इंसान के शरीर में 46 क्रोमोसोम होते हैं (23 जोड़े), लेकिन डाउन सिंड्रोम वाले व्यक्तियों में 47 क्रोमोसोम होते हैं, जिसमें अतिरिक्त क्रोमोसोम 21 होता है। इस अतिरिक्त क्रोमोसोम के कारण मानसिक और शारीरिक विकास में कुछ देरी और भिन्नताएं होती हैं, जैसे कि छोटे हाथ-पैर, फ्लैट चेहरे, और विशेष प्रकार की आंखों की संरचना।

21 मार्च 'डाउन सिंड्रोम अवेयरनेस डे'

21 मार्च को 'डाउन सिंड्रोम अवेयरनेस डे' मनाने का कारण यह है कि क्रोमोसोम 21 का अतिरिक्त कॉपी होने के कारण यह दिन (21/3) प्रतीकात्मक रूप से डाउन सिंड्रोम को दर्शाता है। यह दिन डाउन सिंड्रोम के बारे में जागरूकता फैलाने, समाज में इसके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न करने और प्रभावित व्यक्तियों के साथ एक समान व्यवहार और समझ को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य डाउन सिंड्रोम के लोगों के अधिकारों और सम्मान को बढ़ावा देना है।

डॉ. सुनीता ने कहा कि डाउन सिंड्रोम से निपटना केवल चिकित्सा उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक दृष्टिकोण है, जिसमें शिक्षा, सामाजिक समावेश और मानसिक समर्थन शामिल हैं। इससे प्रभावित व्यक्तियों को बेहतर जीवन जीने का अवसर मिलता है और वे समाज का सक्रिय हिस्सा बन सकते हैं।

मानसिक और शारीरिक विकास में सहायता

डाउन सिंड्रोम वाले बच्चों और व्यक्तियों को शारीरिक और मानसिक विकास में समस्याएं आ सकती हैं। सही देखभाल, चिकित्सा और थेरेपी से उनका विकास बेहतर किया जा सकता है। इन लोगों को विशेष शिक्षा और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुसार कार्य कर सकें।

स्वास्थ्य समस्याओं से निपटना

डाउन सिंड्रोम से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे दिल की बीमारी, सुनने और देखने की समस्याएं। समय पर चिकित्सा देखभाल से इन समस्याओं का इलाज किया जा सकता है और जीवन गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। इस कदम से इस सिड्रोंम से पीड़ित बच्चे भी एक अच्छा जीवन जी सकते हैं।

पारिवारिक और मानसिक समर्थन

डाउन सिंड्रोम से प्रभावित व्यक्ति और उनका परिवार मानसिक तनाव और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करते हैं। इसलिए, परिवार का समर्थन और सकारात्मक माहौल बनाना जरूरी है, ताकि प्रभावित व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ सके और वे अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।