Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
- वेब स्टोरीज
1 अगस्त से पूरे विश्व में विश्व स्तनपान सप्ताह (World breastfeeding week 2019) मनाया जा रहा है। WHO, शिशुरोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ सभी यह सलाह देते हैं कि शिशु को जन्म के पहले घंटे में ही मां का दूध दिया जाना चाहिए। मां का दूध अर्थात स्तनपान बच्चे के लिए संपूर्ण आहार है। स्तनपान के प्रति महिलाओं और उनके परिवार में जागरुकता लाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष अगस्त के पहले सप्ताह में विश्व स्तनपान सप्ताह (World breastfeeding week 2019) मनाया जाता है। आइए जानते हैं क्यों शिशु के लिए इतना जरूरी है स्तनपान।
अब इस बात में कोई दो राय नहीं है कि शिशु के जन्म के पहले घंटे में ही उसे स्तनपान अवश्यक करवाना चाहिए। नई मां भले ही इसके लिए तैयार न हो पर आसपास मौजूद डॉक्टर, नर्स और परिजनों की सहायता से उसे इसके लिए तैयार किया जा सकता है।
मां का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण आहार माना जाता है। इसमें इतने सारे पोषक तत्व होते हैं कि यह अकेला ही बच्चे को संपूर्ण आहार प्रदान करता है।
नवजात शिशु का पाचन तंत्र बहुत नाजुक होता है। उस पर ऐसे आहार का बोझ नहीं डाला जा सकता जिसे पचाने में मुश्किल हो। जबकि माँ का दूध सुपाच्य होता है। जिससे यह शिशु को पेट सम्बन्धी गड़बड़ियों से बचाता है।
स्तनपान शिशु की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होता है। जिन बच्चों ने स्तनपान किया होता है उनकी इम्यूनिटी स्तनपान न करने वाले बच्चों की तुलना में कही ज्यादा बेहतर होती है।
स्तनपान से दमा और कान सम्बन्धी बीमारियां नियंत्रित रहती है, क्योंकि मां का दूध शिशु की नाक और गले में प्रतिरोधी त्वचा बना देता है। इससे बाद में भी उदर व श्वसन तंत्र के रोग, रक्त कैंसर, मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप का ख़तरा कम हो जाता है।
स्तनपान से शिशु की बौद्धिक क्षमता भी बढ़ती है। क्योंकि स्तनपान कराने वाली माँ और उसके शिशु के बीच भावनात्मक रिश्ता प्रगाढ़ होता है। वहीं स्तनपान कराने वाली माताओं को स्तन या गर्भाशय के कैंसर का ख़तरा कम होता है।
शोधों से सिद्ध हुआ है कि लम्बे तक स्तनपान करने वाले बच्चे बाद के जीवन में उतने ही अधिक समय तक मोटापे से बचे रह सकते हैं। माँ के दूध में मिलने वाले तत्त्व मेटाबोलिज्म बेहतर करते हैं। गर्भावस्था के समय या स्तनपान के दौरान माँ का जो भी खान-पान रहता है वह बाद में बच्चे के लिए भी पसंदीदा बन जाता है।
माँ के दूध में पाए जाने वाले डी.एच.ए.(D.H.A.) व ए.ए.(A.A.) फैटी एसिड मस्तिष्क की कोशिकाओं के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्तनपान से बच्चे का आई. क्यू. (Intelligence Quotient) अच्छी तरह विकसित होता है।
World breastfeeding week 2019 : इस वर्ष के संकल्प के साथ जानें क्यों जरूरी है स्तनपान
Breastfeeding week : महिलाओं के तन और मन की सेहत सुधारती है ब्रेस्टफीडिंग