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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 1, 2019 12:03 PM IST
दुनिया भर में आज से विश्व स्तनपान सप्ताह 2019 (World breastfeeding week ) मनाया जा रहा है। इस सप्ताह (World breastfeeding week) को आयोजित करने का उद्देश्य है स्तनपान (Breastfeeding) के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ाना। छोटे बच्चों में कुपोषण का एक बड़ा कारण स्तनपान न हो पाना भी है। इसलिए इस वर्ष से यह संकल्प लिया गया है कि स्तनपान में दोनों अभिभावकों अर्थात माता-पिता और परिवार, समाज की भी भूमिका तय हो। स्तनपान शिशु से मां के स्नेह, संबंध और पोषण का पहला विजुअल है। यह एक बच्चे के स्वास्थ्य की प्रारंभिक आवश्यकता भी है।
आज से सौ-पचास साल पहले शायद ही किसी ने सोचा होगा कि स्तनपान (Breastfeeding) के लिए भी इस तरह के वृहत जागरुकता अभियान की जरूरत पड़ेगी। स्तनपान एक नैसर्गिेक प्रक्रिया है। बच्चे के जन्म लेने के साथ ही मां के स्तनों में दूध बनना शुरू हो जाता है। जिससे बच्चे को पूर्ण पोषण मिलता है। पर अब स्थितियां बदल रहीं हैं। मां के लिए बच्चे को स्तनपान करवाना एक चुनौती भरा टास्क हो गया है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़े बताते हैं कि ज्यादातर देशों में शिशु के जन्म के शुरुआती 6 महीनों में स्तनपान कराने की दर 50 फीसदी से भी नीचे आ गई है।
एक स्वस्थ शिशु के लिए न्यूनमत छह माह तक स्तनपान (Breastfeeding) कराना बेहद जरूरी है। मां का दूध मैक्रोन्यूट्रिएंट्स, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, बायोएक्टिव घटकों, ग्रोथ और रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करता है। यह मिश्रण एक जैविक द्रव पदार्थ होता है जिससे शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है. जिन बच्चों को मां का दूध नहीं दिया जाता है, उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। वहीं जिन शिशुओं को जन्म के 24 घंटे के भीतर स्तनपान कराया जाता है, उनमें उन बच्चों के मुकाबले मृत्यु दर कम देखने को मिलता है, जिन्हें 24 घंटे बाद स्तनपान कराया जाता है।
विश्व स्तनपान सप्ताह अपने लक्ष्य को तभी हासिल कर पाएगा जब स्तनपान (Breastfeeding) के लिए सकारात्मक माहौल बनाया जाए। कामकाजी महिलाओं के लिए घर और बाहर दोनों को संभालते हुए बच्चे को स्तनपान करवा पाना एक चुनौती बन गया है। इसमें संस्थान से मिलने वाली पेड लीव ने उनकी मदद की है। वे अब आर्थिक चिंता से उबर कर बच्चे को स्तनपान करवा सकती हैं। इसके साथ ही परिवार को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। जिससे वह तनावमुक्त होकर बच्चे को स्तनपान करवा सके।
World breastfeeding week 2019 : इस वर्ष के संकल्प के साथ जानें क्यों जरूरी है स्तनपान
Breastfeeding week : महिलाओं के तन और मन की सेहत सुधारती है ब्रेस्टफीडिंग