ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मां को क्यों करना चाहिए हल्दी का ज्यादा सेवन ?

अगर महिलाएं अच्छे पोषक तत्वों का उपयोग करती हैं तो वह दूध के माध्यम से बच्चे के शरीर में पहुंचता है और बच्चे का हेल्थ बेहतर रहता है।

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 3, 2018 2:03 PM IST

ब्रेस्टफीडिंग के लिए महिलाओं को विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसा इसलिए की नहीं वह बच्चे को पालन-पोषण कर रही हैं ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान किये जाने वाले काम मां और बच्चे पर समान रुप से पड़ता है।

हम सभी जानते हैं कि अगर मां का खान-पान इस दौरान अच्छा न हो तो वह बच्चे के हेल्थ पर असर कर सकता है। ब्रेस्टफीडिंग के समय अगर मां का खान-पान बेहतर नहीं होगा तो वह बच्चे के लिए पोषक तत्व से भरपूर दूध भी नहीं पीला पायेगीं। अगर महिलाएं अच्छे पोषक तत्वों का उपयोग करती हैं तो वह दूध के माध्यम से बच्चे के शरीर में पहुंचता है और बच्चे का हेल्थ बेहतर रहता है।

हमारे भारतीय समाज में तरह-तरह के पोषक तत्व से युक्त खाद्य पदार्थों का प्रचलन बहुत पहले से है लेकिन बदलते जीवनशैली में यह कुछ बदल सा रहा है। लेकिन महिलाओं को पुराने खान-पान के नियमों को जरूर फालो करना चाहिए क्योंकि वो बहुत ही हेल्दी ओर रोगों से दूर रखने वाले हैं।

हल्दी का सेवन ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मां के लिए लाभकारी होता है क्योंकि इनमें पाए जाने वाले पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। आइए ब्रेस्टफीडिंग के दौरान हल्दी के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानते हैं।

रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है 

हल्दी में लिपोपोलाईसैचेराइड होता है जो शरीर में इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें एंटीफंगल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं जो स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या से दूर रखने में मदद करता है।

पाचन तंत्र को बेहतर रखती है 

हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो पेट में होने वाले बैक्टीरिया और कीटाणु को नष्ट करने में मदद करते हैं और पेट से जुड़ी समस्या जैसे कब्ज, दस्त और एसिडिटी से दूर रखते हैं। इसके अलावा स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में होने वाली ब्लोटिंग से भी बचाते हैं।

लिवर की मजबूती के लिए है खास 

हल्दी एक नेचुरल लिवर डिटॉक्सीफाई की तरह काम करता है। हल्दी महत्वपूर्ण एंजाइम्स के उत्पादन को बढ़ाता है। यह एंजाइम्स आपके लिवर के खून को डिटॉक्सीफाई करता है। हल्दी स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के रक्त संचार में सुधार लाता है और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

हड्डियों को रखती है मजबूत 

हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होता है जो ओस्टिओअर्थराइटिस के कारण होने वाले दर्द और सूजन से राहत दिलाता है। इसके अलावा ये फ्री-रेडिकल्स को भी न्यूट्रिलाइज करता है जो दर्द से राहत दिलाता है।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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