ठंड में बच्चों की मालिश करने के लिए चुनें सिर्फ ये तेल, होंगे लाभ

देसी घी खाने के लिए पौष्टिक होता है लेकिन अगर बच्चों की मालिश के लिहाज से इसकी बात करें तो इसे नजरअंदाज करना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि घी काफी चिपचिपा होता है, जो बच्चे के पोर्स को बंद कर सकता है।

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Written By: Anshumala | Published : November 4, 2018 3:11 PM IST

सर्दियों के मौसम में शिशु के सेहत का विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, क्योंकि वे इतने नाजुक होते हैं कि उनके बीमार होने की संभावना जल्दी होती है। अक्सर ठंड में मांएं अपने बच्चे को नहलाने से पहले तेल मालिश करती हैं, ताकि बच्चे का शरीर गर्म रहे और मजबूत बने। हालांकि, शिशु को मालिश करने से पहले इस्तेमाल किए जाने वाले तेल के बारे में खास सावधानी बरतनी चाहिए। दरअसल, बच्चों की त्वचा बेहद कोमल होती है, कोई भी तेल इस्तेमाल करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आप जिस तेल से मालिश करेंगी, वह बच्चे की त्वचा को सूट करेगा या नहीं? यह बात भी ध्यान देना चाहिए कि हर मौसम में एक ही तरह के तेल से शिशु की मालिश की जानी चाहिए? दरअसल, मौसम के अनुसार ही शिशु की मालिश के लिए तेल का चुनाव करना लाभदायक होता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि सर्दियों के मौसम में शिशु की किस तेल से मालिश करनी चाहिए।

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सर्दियों के लिए तेल

सरसों का तेल कितना फायदेमंद होता है, इसके बारे में हमें वर्षों से पता है। सरसों का तेल ठंड के मौसम में नवजात की मालिश करने के लिए सबसे बेहतर होता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ये शरीर को गर्मी प्रदान करता है। देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में सरसों के तेल को मालिश के लिए लहसुन और मेथी बीज के साथ गर्म किया जाता है। दरअसल, लहसुन में एंटीवायरल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं और माना जाता है कि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।

वहीं, मेथी बीज शरीर को आराम देने के लिए जाना जाता है। वहीं कुछ जगहों पर सरसों के तेल को मसाज से पहले अजवाइन डालकर गर्म किया जाता है। यदि आप इसकी तीखी गंध की वजह से सरसों के तेल का उपयोग करना पसंद नहीं करते हैं, तो आप विकल्प के तौर पर बादाम या जैतून का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं।

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देसी घी का इस्तेमाल

देसी घी खाने के लिए सबसे पौष्टिक कहा जाता है लेकिन अगर बच्चों की मालिश के लिहाज से इसकी बात करें तो इसे लगभग नजरअंदाज करना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि घी काफी चिपचिपा होता है और बच्चे के पोर्स को बंद कर सकता है। इसके अलावा अगर मलाई की बात करें तो इनसे भी शिशु की मसाज करने से बचना चाहिए। ये बच्चे की त्वचा पर चकत्ते या जलन पैदा कर सकते हैं।

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