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क्‍यों स्‍कूलों में जरूरी है बच्‍चों के लिए ‘फ्रूट ब्रेक’

आज जब जंक फूड और कैंडीज हर बच्‍चे के फेवरिट बनते  जा रहेे हैंं ऐसे में जरूरी है कि उन्‍हें फल खाने की आदत डाली जाए, इसमें स्‍कूलों में होने वाला फ्रूट ब्रेक बहुत मदद कर सकता है। ©Shutterstock.

आज जब जंक फूड और कैंडीज हर बच्चे के फेवरिट बनते  जा रहेे हैंं ऐसे में जरूरी है कि उन्हें फल खाने की आदत डाली जाए, इसमें स्कूलों में होने वाला फ्रूट ब्रेक बहुत मदद कर सकता है।

Written by Yogita Yadav |Updated : April 18, 2019 3:09 PM IST

आज ज्‍यादातर बच्‍चे खूब खाने के बाद भी कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। इसकी वजह है उनके आहार में से पोषक तत्‍वों की कमी। बच्‍चे खाते तो खूब हैं पर उनमें ज्‍यादातर चीजें उनकी सेहत को फायदा पहुंचाने की बजाए नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए जरूरी है कि उनके आहार में फल, सब्जियां और सलाद शामिल किए जाएं। आइए जानते हैं कैसे स्‍कूलों में होने वाला फ्रूट ब्रेक बच्‍चों को यह पोषण उपलब्‍ध करवा सकता है।

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गर्मियों में शरीर में पानी की कमी न हो इसलिए जूस पीना सबसे अच्छा उपाया माना जाता है, लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट जूस पीने की जगह पूरा फल खाने को अधिक वरियता देते हैं। फल का जूस बनाने के क्रम में उसे निचोड़ा जाता है जिसकी वजह से इसके कई न्यूट्रिशन खत्म हो जाते है। विटामिन और फाइबर जैसे PECTIN  सेब, अमरूद और संतरे में मौजूद रहता है जो आपके बच्चे के विकास के लिए जरूरी है। कई फल होते हैं जिनमें विटामिन सी, विटामिन बी कॉम्पलेक्स,  विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं।

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फ्रूट ब्रेक के लिए बनाएं अलग टिफि‍न

बच्‍चों को फलों का पोषण मिल सके इस‍के लिए जरूरी है कि फल खाने की आदत उनके रूटीन में शामिल की जाए। इसके लिए स्‍कूलों को जहां लंच ब्रेक से पहले या बाद में फ्रूट ब्रेक करनी चाहिए, वहीं पेरेंट्स के लिए भी जरूरी है कि वे बच्‍चों को फ्रूट्स के लिए एक अलग टिफि‍न बनाकर दें।

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ये फल कर सकते हैं शामिल

तरबूज, मौसंबी, अनानास जैसे फल जिनमें भरपूर मात्रा में पानी होते हैं ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते। आम, लीची, पपीता भी गर्मियों में काफी फायदेमंद होते हैं क्योंकि इनमें एस्कॉर्बिक एसिड पाए जाते हैं। विटामिन ए और फाइबर ना सिर्फ नेचुरल यूवी प्रोटेक्शन देते हैं बल्कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं। आप चाहें तो इन फलों को बच्‍चों के टिफि‍न में शामिल कर सकते हैं। ध्‍यान रखें कि हर रोज कम से कम एक फल जरूर दें।

[caption id="attachment_662001" align="alignnone" width="655"]fruit-break-benefits विटामिन ए और फाइबर ना सिर्फ नेचुरल यूवी प्रोटेक्शन देते हैं बल्कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं। आप चाहें तो इन फलों को बच्‍चों के टिफि‍न में शामिल कर सकते हैं। ध्‍यान रखें कि हर रोज कम से कम एक फल जरूर दें। ©Shutterstock.[/caption]

जानें कुछ फल और बच्‍चों के लिए उनके फायदे

आम : एक आम, जितना विटामिन ए आपके बच्चे के शरीर को रोज चाहिए होता है, उसका 25 प्रतिशत देता है, साथ ही 150 ग्राम आम 86 कैलोरी देता है।

फायदे:  इससे रतौंधी, जलन, आखों में खुलजी, सुखापन ठीक रहता है इससे पाचन भी सही रहता है और कैंसर सेल के विकास की संभावना भी कम रहती है और सबसे जरूरी बात की ये यादाश्त बढ़ाता है।

न्युट्रिशन की मात्रा : इसमें डाइजेस्टिव इनजाइम्स, फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट जैसे मैंगीफेरिन, नोराथाइरॉयल और रिजवेराट्रॉल भी होते हैं। इसमें ग्लुमेटिक एसिड और पेक्टिन भी होता है।

तरबूज : गर्मियों को बच्चों को खिलाए जाने वाले फल में ये काफी महत्वपूर्ण फल है। तरबूज के एक बाइट में 92% पानी होता है। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती है।

फायदे : तरबूज निरंतर खाने से शरीर के सारे फंक्शन सही रहते हैं। इलेक्ट्रोलाइट और अच्छी रोशनी तरबूज खाने के बड़े फायदे में से एक हैं। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और न्युरोलॉजिकल फंक्शन भी मजबूत रहता है। इससे गैस्ट्रिक एसिड रिलीज होती है जिसके कारण पाचन क्रिया अच्छी रहती है।

न्युट्रिशन की मात्रा : तरबूज में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं और साथ है ये इलेक्ट्रोलाइट, सोडियम, पोटैशियन भी पाया जाता है। ये साथ ही विटामिन बी कॉम्पलेक्स और विटामिन ए का अच्छा स्त्रोत है।

अमरूद : चूंकि अमरूद को आप इसके छिलके केसाथ खा सकते हैं इसलिए इसके कई सारे फायदे हैं। जैसे अमरूद दिन भर जितना फाइबर चाहिए होता है उसका 12 प्रतिशत फाइबर देती है।

फायदे :  इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है खासकर इंफेक्शन होने की संभावना कम होती है। साथ ही कैंसर सेल भी कम होते हैं। पाचन को अच्छा रखने के लिए ये काफी फायदेमंद है और साथ ही आंख की रोशनी भी अच्छी रखता है। मस्तिष्क में रक्त संचार काफी अच्छा रहता है।

न्युट्रिशन की मात्रा : अमरूद में विटामिन सी और विटामिन ए होता है। इसके साथ ही फाइबर, पेक्टिन, लाइकोपेन पाया जाता है। अमरूद में विटामिन बी3 और विटामिन बी6 पाया जाता है।

अंगूर: अंगूर गर्मियों में सबसे अधिक पॉपुलर फलों में माना जाता है। जूस की जगह सीधे अंगूर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। योगर्ट में फ्रोजेन अंगूर डालकर खाना भी एक बढ़िया नाश्ता है।

फायदा : इससे शरीर का पूरा विकास होता है आंखो की रोशनी भी अच्छी रहती है।

न्युट्रिशन की मात्रा : अंगूर में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। इसके सेवन से फैट, कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है।

संतरा : हेल्दी डाइट के लिए संतरा को रोज के खाने की सलाद में शामिल करें।

फायदा : इससे कैंसर नहीं होता और रक्तचाप बना रहता है।

न्युट्रिशन की मात्रा : संतरा में कैल्शियम, पोटैशियम, पेक्टिन और विटामिन सी पाया जाता है।

खीरा : गर्मियों में बच्चों के खाने में खीरा शामिल करें। इससे बच्चे रिफ्रेश महसूस करेंगे।

फायदे : खीरा में पोटैशियम और विटामिन ए, के, और सी पाया जाता है।

न्युट्रिशन की मात्रा: इससे रक्तचाप भी कंट्रोल में रहता है कैलोरी भी कम होती है।

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