
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : June 30, 2025 4:40 PM IST
Medically Verified By: dr shivani deshwal
Bacha Potty Karne Mai Kyu Rota Hai: जो मांएं बच्चे के जन्म से पहले ही उसकी ध्यान रखना शुरू कर देती हैं वो बच्चे के पैदा होने के बाद उन्हें थोड़ी भी परेशानी नहीं होने देती हैं। लेकिन कुछ बच्चे पेट से जुड़ी समस्याओं के साथ पैदा होते हैं और बड़े होने तक उन्हें ये दिक्कतें बहुत सताती हैं। ऐसे में मांओं द्वारा कई शिकायत की जाती है जैसे उनका बच्चा पॉटी करने में रोता है, पेशाब रोकता है या उसे पॉटी करने में दर्द होता है।
माएं बच्चे को लेकर बहुत परेशान हो जाती हैं, और अगर आप भी उन्हें माताओं में से हैं जिनके बच्चे पॉटी करते समय दर्द से कराहते हैं तो नारायणा हॉस्पिटल की सीनियर कंसलटेंट एंड क्लीनिकल लीड पीडियाट्रिक डॉक्टर शिवानी देशवाल से जाने ऐसा क्यों हो रहा है। उन्होंने संभावित कारणों के बारे में विस्तार से बताया है। (Why Baby Cries While Pooping)
डॉक्टर शिवानी ने बताया कि 'अगर बच्चे को पहले कभी मल त्याग (toilet) के समय दर्द हुआ हो, तो अगली बार वह खुद को रोकने लगता है। इस डर से कि फिर से दर्द होगा, ये एक साइकिल की तरह काम करता है जिससे बच्चा बार-बार मल रोकता है और इससे कब्ज और पेट दर्द की समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है।'
साथ ही डॉक्टर ने यह भी बताया कि 'यह एक प्रकार का "functional withholding behavior" होता है, जो कई बच्चों में 2–5 वर्ष की उम्र में देखा जाता है।
डॉक्टर ने उन 4 कारणों के बारे में बताया है जो बच्चे को पॉटी करते समय दर्ददे सकते हैं-
यह बच्चों में पॉटी करते समय दर्द होने का सबसे आम कारण है। जब बच्चा कई दिनों तक मल त्याग नहीं करता या मल बहुत सख्त हो जाता है, तो उसे पेट साफ करने में काफी दर्द और तकलीफ होती है। शोध बताते हैं कि 20–30% बच्चों को जीवन में कभी न कभी फंक्शनल कब्ज की समस्या होती है।
सख्त मल पास करने से गुदा (anus) की त्वचा में छोटा कट या दरार पड़ सकती है, जिससे जलन और तेज दर्द होता है। यह दर्द बच्चे को अगली बार मल रोकने के लिए मजबूर करता है।
अगर बच्चे के भोजन में फल, सब्जियां और साबुत अनाज कम होते हैं, तो मल सख्त हो जाता है और पेट साफ करते समय दिक्कत होती है। आहार में age +5 ग्राम फाइबर प्रतिदिन बच्चों के लिए अनुशंसित होता है।
पर्याप्त पानी न पीने से मल और ज्यादा सख्त हो जाता है, जिससे दर्द होता है। छोटे बच्चों को अक्सर पानी पीने की याद नहीं रहती, जिससे यह समस्या बढ़ सकती है।
पॉटी के साथ-साथ अगर बच्चा बार-बार पेशाब को टाल रहा है या पेशाब करते समय रोता है, तो यह संकेत हो सकता है कि उसे पेशाब के दौरान जलन, खुजली या दर्द हो रहा है। अन्य संभावित कारण भी हो सकते हैं जैसे-
मूत्र संक्रमण (Urinary Tract Infection - UTI)- पेशाब में जलन, दुर्गंध या बार-बार पेशाब आना इसके लक्षण हैं।
कम पानी पीना- इससे पेशाब सांद्र हो जाती है और जलन हो सकती है।
पुरानी आदत या डर- पहले कभी दर्द हुआ हो तो बच्चा फिर से उस अनुभव से बचने की कोशिश करता है।
डॉक्टर शिवानी ने माता-पिता के लिए कुछ सुझाव दिए हैं जो इस प्रकार हैं-
1. फाइबर युक्त आहार दें- जैसे फल (सेब, पपीता), सब्जियां, दलिया, दालें
2. पर्याप्त पानी पिलाएं- गर्मियों में विशेष रूप से ध्यान दें
3. शौच की नियमित आदत बनाएं- रोज सुबह एक तय समय पर बैठने की आदत डालें
4. डर न बढ़ाएं- बच्चे को प्यार से समझाएं, डांटना नहीं
5. दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लें- एनल फिशर या कब्ज के लिए उपयुक्त दवा या मल नरम करने वाले सिरप दिए जा सकते हैं
अगर आपका नवजात शिशु बिल्कुल भी मल त्याग नहीं कर रहा है या पॉटी करने में रो रहा है तो तुरंत बच्चों के विशेषज्ञ को दिखाएं और खुद से कोई नुस्खे न अपनाएं।
बच्चे का लैट्रिन न करने का कारण उसा पेट सूखना भी हो सकता है, इसलिए उसे अधिक मात्रा में पानी पिलाएं। दूध या पतला फलों का रस पीने के लिए प्रेरित करें। अपने बच्चे के आहार में हाई फाइबर रिच फूड को शामिल करें।
बच्चे के पेशाब रोकने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन ये मुख्य हैं- सूसू करने में दर्द या असुविधा और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।