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छोटे बच्चों को भूख बहुत जल्दी लगती है। नवजात शिशु को लगभग हर 3 घंटे में दूध चाहिए होता है। ऐसे में अगर रात को सोते वक्त बच्चा भूखा है, तो वह रात को बेचैन होकर उठेगा और रोना शुरू कर देगा। ऐसे में बच्चे को सुलाने से पहले उसे फीड कराकर ही सोएं। अगर बच्चा भूखा है, तो वह भूख में मुंह चलाने लगता है। उंगलियां मुंह में डालने लगता है और दूध पीने जैसा मुंह बनाता है।
बच्चे का पाचन बहुत ज्यादा कमजोर होता है। ऐसे में वह मां का दूध भी मुश्किल से पचा पाता है। जब बच्चा ज्यादा दूध पी लेता है, तो उसे पचाना और मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उसे गैस व अपच जैसी समस्या बन जाती है। गैस बनने पर बच्चे को रात में पेट दर्द, मरोड़ और ऐंठन जैसा महसूस हो सकता है। गैस बनने पर बच्चा टांगों को पेट की तरफ मोड़ता है और इतनीतेज रोता है कि उसका चेहरा लाल हो जाता है।
रात में अगर आप बच्चे को डायपर लगाकर सोए हैं और वह गीला हो गया है। तो इससे बच्चे को रैशेज आ सकते हैं, साथ ही खुजली भी हो सकती है। ऐसे में जब बच्चे को गीलेपन से समस्या होती है, तो वह परेशान होकर नींद से जग जाता है और रोना शुरू कर देता है। ऐसे में डायपर बदलने पर बच्चा आराम से सो जाता है।
कई बार बच्चे नींद में डरकर भी रोना शुरू कर देते हैं। अगर बच्चा आंखें बंद करके रो रहा है, तो उसे प्यार से अपनी बांहों में लें और दूध पिलाते हुए उसे सुलाने की कोशिश करें, तो कुछ समय बाद वह सहज हो जाता है और सो जाता है।
अगर बच्चों के कपड़े कंफर्टेबल नहीं है, वे चुभ रहे हैं तो भी बच्चा रोने लगता है। ऐसे में ध्यान रखें कि बच्चों को हमेशा मौसम के अनुसार कंफर्टेबल कपड़े ही पहनाएं। इसके अलावा, कमरे का तापमान भी सही रखें।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।