
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 26, 2026 1:19 PM IST
Medically Verified By: Dr. Aditya Satish Kulkarni
Mealtime tantrums
आज के समय में माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनका बच्चा सही से खाना नहीं खा रहा या फिर खाते समय काफी नखरे करता है। कई पेरेंट्स को आपने कहते सुना होगा कि उनका बच्चा कोई भी सब्जियां नहीं खाता है, सिर्फ जंक फूड मांगता है। वहीं, कुछ बच्चे हमेशा एक ही चीज खाने की जिद करते हैं। खाने के समय रोना, गुस्सा करना या टैंट्रम दिखाना बच्चों में काफी आम बात है।
नारायणा हेल्थ SRCC चिड्रन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी, कंसल्टेंट डॉ. आदित्य कुलकर्णी का कहना है कि बच्चों का खाने के दौरान नखरे करना हमेशा जिद नहीं होता। इसके पीछे कई इमोशनल, व्यवहारिक, विकास से जुड़े और लाइफस्टाइल कारण हो सकते हैं। आइए विस्तार से इसे समझते हैं-
डॉक्टर कहते हैं कि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, वे अपनी पसंद और नापसंद विकसित करने लगते हैं। कुछ बच्चों को खाने का स्वाद पसंद नहीं आता, जबकि कुछ को उसकी खुशबू, टेक्सचर या सर्व करने का तरीका अच्छा नहीं लगता।
खासकर छोटे बच्चे यानी टॉडलर्स इस दौरान कई चीजें सीख रहे होते हैं। ऐसे में खाना मना करना उनके लिए अपनी पसंद जताने या ध्यान आकर्षित करने का तरीका बन सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि बच्चा जानबूझकर परेशान कर रहा है।
tantrums
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी भी बच्चों की खाने की आदतों को प्रभावित कर रही है।
ये सभी आदतें बच्चों के खाने के व्यवहार को खराब कर सकती हैं। स्क्रीन देखते हुए खाने से बच्चे माइंडफुल ईटिंग नहीं कर पाते और परिवार के साथ बातचीत भी कम हो जाती है।
डॉक्टर कहते हैं कि पैकेज्ड स्नैक्स, मीठी चीजें और फास्ट फूड बच्चों को जल्दी आकर्षित करते हैं। इनमें नमक, शुगर और फ्लेवर ज्यादा होते हैं, जिससे बच्चों को घर का सिंपल सा खाना फीका लगने लगता है। ऐसे में धीरे-धीरे बच्चा हेल्दी फूड से दूरी बनाने लगता है।
डॉक्टर का कहना है कि बच्चों को जबरदस्ती खाना खिलाना, डांटना या फिर किसी भी तरह की रिश्वत देना सही तरीका नहीं है। इससे बच्चे में खाने को लेकर स्ट्रेस बढ़ सकता है। ऐसे में आपको कुछ टिप्स अपनाने की जरूरत होती है, जैसे-
डॉक्टर कहते हैं कि धैर्य और लगातार सही आदतें अपनाने से ज्यादातर बच्चों की पिकी ईटिंग समय के साथ बेहतर हो जाती है।
अगर बच्चा लगातार खाना खाने से मना कर रहा हो, वजन नहीं बढ़ रहा हो, बार-बार उल्टी हो रही हो, निगलने में दिक्कत हो, खाना खाते समय खांसी या चोकिंग होती हो, या बच्चा बहुत कमजोर और थका हुआ दिखे, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ऐसे मामलों में पोषण की कमी, पाचन संबंधी समस्या, विकास संबंधी परेशानी या व्यवहारिक कारणों की जांच जरूरी हो सकती है।
Disclaimer : ध्यान रखें कि अगर आपका बच्चा खाने में नखरे कर रहा है, तो उसे डांट के खिलाने के बजाय प्यार से उनकी आदतों में बदलाव करने की कोशिश करें। जबरदस्ती खाना खिलाने से बच्चों में स्ट्रेस बढ़ सकता है, जिससे आगे चलकर वो पिकी ईटिंग कर सकते हैं।