
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : February 10, 2021 4:36 PM IST
एक्सपर्ट कहते हैं कि ज्यादातर मामलों में एक शिशु को अपने पिता को पहचानने में इतना समय लगता है।
जब घर में शिशु की किलकारी गूंजती है तो सबसे ज्यादा खुशी माता-पिता को होती है। क्योंकि अपने बच्चे को जन्म देना एक बहुत अलग एहसास होता है। जन्म के बाद से पेरेंट्स ही चाहते हैं कि वो अपने बच्चे के साथ खेलें, उसके साथ समय बिताएं। वहीं, एक बच्चा भी सबसे ज्यादा अपने माता-पिता के साथ कनेक्टिड होता है। दरअसल माता पिता और बच्चे का रिश्ता ही ऐसा होता है कि वो नेचुरली एक दूसरे के साथ कनेक्टिड रहते हैं। लेकिन फिर भी डॉक्टर्स कहते हैं कि एक बच्चा प्राकृतिक रूप से लोगों के चेहरे से उनकी ओर आकर्षित होता है। बच्चों के अंदर नेचुरल ऐसी चीज होती है कि वो अपने माता पिता को तुरंत पहचान लेते हैं। लेकिन एक नवजात शिशु अपने माता-पिता को कब से पहचानना शुरू करते हैं यह एक पूरी प्रक्रिया होती है। आइए बाल रोग विशेषज्ञ सुषमा श्रीवास्तव से जानते हैं एक शिशु अपनी माता को पहचाने और पिता को पहचानने में कितना समय लगाते हैं। (When Do Babies Recognise Their Father)
क्योंकि शिशु अपनी मां के साथ गर्भ से जुड़ा होता है इसलिए मां और बच्चे का रिश्ता दुनिया में सबसे खास और करीब का होता है। एक बच्चा अपनी मां के चेहरे को तो दूर उसकी आहट को भी पहचान लेता है। जब एक शिशु जन्म लेता है तो इस दुनिया में आने के बाद वो सबसे पहले अपनी मां का स्पर्श चाहता है। नवजात अपनी मां के स्पर्श को छूते ही पहचान लेता है। इसके बाद मां की तस्वीर शिशु की आंखों में ऐसे बसती है कि उसे अपनी मां को पहचाने में समय नहीं लगता। इसके अलावा कुछ एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि शिशु द्वारा अपनी मां को पहचानने में ज्यादा से ज्यादा 1 सप्ताह का समय लग सकता है।
जिस तरह गर्भ से ही एक शिशु का उसकी मां के साथ एक रिश्ता खास होता है उसी तरह एक शिशु का उसके पिता के साथ भी स्ट्रॉंग कनेक्शन होता है। स्टडी कहती हैं कि जब शिशु गर्भ में होता है तो वो अपने पिता की आवाज को और उसकी प्रतिक्रियाओं को समझता है। हालांकि इस पर अभी तक कोई रिसर्च नहीं हुई है कि एक शिशु को अपने पिता को पहचाने में कितना समय लगता है। लेकिन एक्सपर्ट कहते हैं कि ज्यादातर मामलों में एक शिशु को अपने पिता को पहचानने में 2 सप्ताह का समय लगता है।
जो भी लोग शिशु के आसपास रहते हैं, उन चेहरों को शिशु जल्दी पहचानते हैं। साइंस कहती है कि जो लोग नवजात की केयर करते हैं या उन्हें प्यार का एहसास कराते हैं उनके साथ शिशु कम्फरटेबल भी महसूस करते हैं और उनके पास आसानी से चले भी जाते हैं। लेकिन जो लोग शिशु से दूर रहते हैं या कभी-कभी मिलते हैं उन्हें पहचानने में शिशु को समय लग सकता है। कभी-कभी शिशु अपने घर के लोगों को पहचाने में सालभर का समय ले लेते हैं।
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