
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : July 31, 2025 11:08 AM IST
Medically Verified By: Dr. Sugeeta Mutreja
What to Feed Your Child if She is Not Eating: छोटे बच्चों को खाना खिलाना और उनका पेट भरना पेरेंट्स के लिए अक्सर एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बच्चे कभी खाना खाने में दिलचस्पी नहीं दिखाते, तो कभी केवल पसंदीदा चीजें ही मांगते हैं। उनका मूड, स्वाद और भूख जल्दी बदलती रहती है, जिससे माता-पिता परेशान हो जाते हैं। माता-पिता के लिए यह एक आम चिंता होती है कि उनका बच्चा खाना ठीक से नहीं खा रहा है। लेकिन बच्चा अगर समय पर भोजन न करे या भूख कम हो जाए, तो इससे उसकी शारीरिक और मानसिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है। इसलिए हर पेरेंट्स के लिए यह बहुत जरूरी है कि बच्चा पर्याप्त मात्रा में अपना खाना खाए और उसका खाना ऐसा हो जिससे बच्चे को अपनी शारीरिक और मानसिक ग्रोथ के लिए पर्याप्त पोषक तत्व मिल पाएं।
आज के समय में काफी पेरेंट्स इस समस्या का सामना कर रहे हैं और अगर आप भी उनमें से एक हैं और आपको समझ नहीं आ रहा है कि आपके बच्चे को क्या खिलाएं जिसे वह खुश होकर खाएं और उससे पोषण भी मिल जाए। आपके इस सवाल का जवाब आपको इस लेख में मिल सकता है और वह जवाब हम नहीं बल्कि एक्सपर्ट सुजीता मुत्रेजा आपको देंगे। चलिए जानते हैं एक्सपर्ट्स इस बारे में क्या जानकारी देते हैं।
बच्चों की डाइट में "7 रंग" यानी सात अलग-अलग रंग की सब्जियां और फल शामिल करना जरूरी है क्योंकि हर रंग पोषक तत्वों का अलग स्रोत होता है। जैसे लाल (टमाटर) में लाइकोपीन, हरा (पालक) में आयरन, पीला (केला) में पोटैशियम, नारंगी (गाजर) में बीटा कैरोटीन, बैंगनी (चुकंदर) में एंटीऑक्सीडेंट आदि। ये रंग शरीर को विटामिन, खनिज और फाइबर प्रदान करते हैं, जिससे बच्चों की इम्युनिटी, विकास और संपूर्ण पोषण सुनिश्चित होता है।
बच्चे आंखों से पहले खाना खाते हैं। जब खाना रंग-बिरंगा, सुंदर और मजेदार आकार में परोसा जाता है, तो उनकी खाने में रुचि स्वतः बढ़ जाती है। फल, सब्जियां या सैंडविच को अलग-अलग आकारों जैसे स्माइली, तारे, दिल या कार्टून कैरेक्टर्स में काटकर पेश करें। रोटियों को गोल, त्रिकोण या खास कटर से डिजाइन देकर खिलाएं। इस तरह का सजावटी और रंग-बिरंगा भोजन बच्चों को खेलने जैसा लगता है, जिससे वे उत्साह से खाना खाते हैं और खाने के प्रति सकारात्मक व्यवहार विकसित होता है।
स्नैक्स बच्चों की भूख और ऊर्जा के लिए जरूरी हैं, क्योंकि उनका मेटाबॉलिज्म तेज होता है और वे जल्दी भूख महसूस करते हैं। हेल्दी स्नैक्स बीच-बीच में ऊर्जा बनाए रखते हैं और बच्चों के संपूर्ण विकास में मदद करते हैं, लेकिन ये हेल्दी होने चाहिए। जैसे – मूंगदाल चीला, ओट्स उत्तपम, घर का बना पॉपकॉर्न, ड्राई फ्रूट लड्डू आदि। जंक फूड जैसे चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, प्रोसेस्ड फूड आदि से दूर रखें क्योंकि ये भूख को मारते हैं और सेहत भी बिगाड़ते हैं।
बच्चों को बार-बार स्नैक्स देना उनकी भूख को मार देता है। बेहतर है कि उन्हें तय समय पर मुख्य भोजन दिया जाए और स्नैक्स सीमित मात्रा में, वह भी हेल्दी, जैसे फल, मखाने, भुने चने, नट्स या घर में बना दलिया। इससे न केवल उनकी भूख बनेगी, बल्कि पाचन शक्ति भी मजबूत होगी।
यह आदत धीरे-धीरे बच्चों की पाचन क्रिया को कमजोर करती है और ध्यान खाने से हट जाता है। इससे वे बिना भूख के खा लेते हैं या जरूरत से ज्यादा खा जाते हैं। कोशिश करें कि खाना खाने का समय स्क्रीन फ्री हो और परिवार का ध्यान भोजन पर हो। इसलिए सुनिश्चित करें कि जब बच्चे का खाना खाने का समय हो उस समय टीवी या फोन न चल रहा हो।
बच्चे बहुत कुछ देखकर सीखते हैं। जब वे अपने परिवार के सदस्यों को एकसाथ बैठकर खाना खाते देखते हैं, तो वे भी खुद को उस माहौल का हिस्सा मानते हैं। इसलिए कोशिश करें कि दिन में कम से कम एक समय, जैसे रात का खाना, सभी सदस्य एक साथ खाएं। इस दौरान कोई डांट-फटकार नहीं होनी चाहिए, बल्कि माहौल खुशनुमा होना चाहिए।
बच्चों को जबरदस्ती खाना खिलाने से वे खाने से और दूर हो जाते हैं। इसके बजाय खाना खिलाने को मजेदार बनाएं। जैसे– कहानी सुनाते हुए, गीत गाते हुए, खिलौनों का इस्तेमाल करते हुए या उनके पसंदीदा कार्टून के पात्रों के नाम पर भोजन पेश करके। यह तरीका बच्चों को सहज बनाता है और उन्हें खुशी-खुशी खाने के लिए प्रेरित करता है।
कुछ प्राकृतिक चीजें बच्चों की भूख बढ़ाने में मदद करती हैं। जैसे आंवला, इलायची, अजवाइन, सौंफ और पुदीना। इनके उपयोग से पाचन सुधरता है और भूख लगती है। साथ ही, बच्चों को दाल, दही, छाछ, मौसमी फल और सूखे मेवे संतुलित मात्रा में देना चाहिए। इन उपायों को अपनाकर आप बच्चे की भूख को धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं। सबसे जरूरी बात है धैर्य और नियमितता।
अगर आपने हर कोशिश कर ली है और आपका बच्चा फिर भी ठीक से खाना नहीं खा रहा है, तो सबसे पहले आपको उसके साथ जबरदस्त नहीं करनी चाहिए। क्योंकि अगर बच्चे को खाना खिलाते समय जबरदस्ती की जाए या उसे डांटकर खाना खिलाने की कोशिश की जाए तो बच्चा हो सकता है उस भोजन को खा ले लेकिन भविष्य के लिए उसका उस भोजन से मन पूरी तरह से उतर सकता है।
इसलिए, अगर आप भी ऐसी ही स्थिति में हैं तो आज ही अपने बच्चे के साथ जबदस्ती करना बंद कर दें, क्योंकि आपने सभी तरीके अपनाकर देख लिए और बच्चा फिर भी ठीक से खाना नहीं खा रहा है, तो यह कोई स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। बच्चों में कई ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं देखी जा सकती हैं, जिनके लक्षण ठीक से दिख नहीं पाते हैं और न ही बच्चे उसे बता पाते हैं लेकिन उसके कारण उन्हें भूख कम लगने लगती है। ऐसे में डॉक्टर से जांच कराना भी बहुत जरूरी हो जाता है। इसलिए अगर आपका बच्चा खाना नहीं खा रहा है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात जरूर कर लेनी चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
अच्छा खान-पान होने के साथ-साथ अच्छा माहौल भी बच्चे के मानसिक विकास के लिए जरूरी है
बच्चे को शुरुआत में दूध और उसके बाद धीरे-धीरे प्यूरी, खिचड़ी और अन्य नरम खाना खिलाना शुरु कर देना चाहिए। यह सब बच्चों के डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
बच्चे की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें और उसे डाइट में अच्छा व पोषक तत्वों से भरपूर खाना दें
बच्चे की उम्र के अनुसार हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह लेकर ही खाना खिलाना चाहिए, जिससे उसे बेहद पोषण मिल सके