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बच्चों को पॉल्यूशन से बचाने के लिए क्या खिलाएं? एक्सपर्ट से जानें फेफड़ों को खराब होने से रोकने का तरीका

Kids Lungs Care Diet: आज हम आपको इस लेख में डॉक्टर द्वारा बताई कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें आप बच्चों की डाइट में शामिल कर, उनके लंग्स को स्मॉग के प्रभाव से बचा सकते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Updated : January 21, 2026 3:11 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Vijay Shankar Sharma

Bacho Ko Pollution Se Kaise Bachaye: दिल्ली जैसे कई शहरों में पॉल्यूशन दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। शहरों में बढ़ते स्मॉग ने बच्चों के फेफड़ों पर चुपचाप असर डाला है। बता दें कि बच्चों की सांस लेने की दर तेज होती है और उनके फेफड़े अभी विकसित हो ही रहे होते हैं। ऐसे में जहरीले कण उनके शरीर में जल्दी प्रवेश कर जाते हैं। खांसी, घरघराहट, बार बार सर्दी और थकान जैसे लक्षण दिखने लगे। यह सभी समस्याएं सभी बच्चों को परेशान कर रही हैं और मांएं अपने बच्चों की हेल्थ को अच्छा बनाए रखने के लिए तरह-तरह के तरीके अपना रही हैं।

नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट- पीडियाट्रिक एंड नोनटोलॉजिस्ट डॉक्टर विजय शंकर शर्मा बताते हैं कि 'इन हालात में यह समझा गया कि सिर्फ मास्क या घर में रहना काफी नहीं रहा। अंदरूनी सुरक्षा यानी सही डाइट पर भी ध्यान दिया गया।' इसलिए उन्होंने बच्चों के लंग्स को हेल्दी रखने वाले कुछ फूड्स के बारे में बताया है ताकि आप आप उनकी डाइट में कुछ बदलाव कर बच्चों के लंग्स को स्मॉग से होने वाले बुरे प्रभावों से बचा पाएं। आइए जानते हैं डॉक्टर की क्या राय है।

एंटीऑक्सीडेंट्स कैसे बने फेफड़ों के दोस्त

स्मॉग से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और फेफड़ों की कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं। एंटीऑक्सिडेंट्स को ऐसे तत्व माना गया जो इस नुकसान से लड़ने में मदद करते हैं। डॉक्टर ने बताया कि फल, सब्जियां और कुछ पारंपरिक खाद्य पदार्थों में ये भरपूर पाया जाता है। बच्चों के लिए चुनौती यह रहती है कि सेहतमंद चीजें स्वाद में भी अच्छी लगें। इसलिए डाइट को खेल और स्वाद के साथ जोड़ें है।

विटामिन सी से भरपूर रंगीन प्लेट

डॉक्टर कहते हैं कि विटामिन सी को फेफड़ों की सेहत के लिए जरूरी माना गया है। संतरा, मौसमी, अमरूद और कीवी जैसे फल बच्चों की थाली में शामिल किए जाएं। अमरूद और स्ट्रॉबेरी से बनी स्मूदी को आइसक्रीम जैसी चीजें बनाकर बच्चों को खुशी से पिलाएं। नींबू का हल्का सा रस सब्जियों या दाल में डालकर भी दिया जा सकता है। इससे स्वाद भी बदला और पोषण भी मिला।

हरी सब्जियां जो बनीं हीरो

पालक, मेथी और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियों को अक्सर बच्चे नजरअंदाज करते हैं। इन्हें सीधे परोसने की बजाय नई रेसिपी अपनाकर उन्हें खिलाएं। पालक को पनीर या आलू के साथ मिलाकर कटलेट बनाया जा सकता है। ब्रोकली को चीज के साथ बेक करके स्नैक का रूप दिया जा सकता है। इन सब्जियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ने फेफड़ों की सूजन को कम करने में सहारा देते हैं।

नट्स और बीजों की छोटी लेकिन ताकतवर भूमिका

डॉक्टर ने बताया कि आप बादाम, अखरोट और कद्दू के बीजों को बच्चों के लिए एनर्जी बॉल्स में बदल सकते हैं। इनमें खजूर और थोड़ा सा कोको मिला सकते हैं ताकि स्वाद चॉकलेट जैसा लगे। ये छोटे स्नैक्स स्कूल के बाद दिए जाएं तो बच्चों में खुशी की लहर दौड़ती है। इनमें मौजूद विटामिन ई और हेल्दी फैट्स को फेफड़ों की कोशिकाओं के लिए फायदेमंद माना जाता है। बच्चों का इन्हें खाना स्मॉग से फेफड़ों की सुरक्षा करेगा।

हल्दी और अदरक से बना देसी कवच

भारतीय रसोई के मसालों को कभी भी नजरअंदाज न करें। आपने देखा होगा कि हल्दी को दूध में मिलाकर गोल्डन मिल्क के नाम से परोसा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें एंटी बैक्टिरियल, एंटी फंगल और एंटी सेप्टिक गुण होते हैं। वहीं अदरक को सूप या काढ़े में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। इन मसालों को सूजन कम करने वाला माना गया और सर्दी खांसी से राहत देने में मददगारसमझा गया।

पानी और सूप क्यों बने जरूरी

डॉक्टर कहते हैं कि स्मॉग के समय शरीर को हाइड्रेट रखना अहम बहुत जरूरी होता है। आप गुनगुना पानी, सब्जियों का सूप और दाल का पतला शोरबा बच्चों को दे ताकि उनके लंग्स हेल्दी रहें। इससे गले और फेफड़ों में जमा गंदगी को बाहर निकालने में मदद मिलेगी। आप बच्चों के लिए अलग-अलग सब्जी का सूप बना सकते हैं और उन्हें मजेदार नाम देकर परोस सकते हैं।

खाने को बनाया गया खेल जैसा

डॉक्टर कहते हैं कि कुछ बच्चे बहुत जिद्दी होते हैं और खाना खाते समय आनाकानी करते हैं। ऐसे में बच्चों को जबरदस्ती खिलाने के बजाय प्लेट को रंगीन और मजेदार बनाया जा सकता है। फलों से स्माइली फेस बना सकते हैं। सब्जियों को कार्टून के नाम दे सकते हैं। इस तरीके से बच्चे खुद खाने में रुचि दिखाने लगेंगे और हेल्दी खाने से वह बीमार कम पड़ेंगे और उनके लंग्स भी हेल्दी रहेंगे।

छोटी आदतें, बड़ा असर

यह समझा गया कि स्मॉग से पूरी तरह बचना आसान नहीं रहा, लेकिन सही डाइट से शरीर की ताकत बढ़ाई गई। रोजमर्रा के खाने में थोड़े बदलाव से बच्चों के फेफड़ों को बेहतर सुरक्षा मिली। समय के साथ उनकी इम्यूनिटी मजबूत हुई और सांस से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।

Highlights

  • बच्चों को स्मॉग से बचाने के लिए N99 फेस मास्क का इस्तेमाल करने के लिए कहें।
  • उन्हें डाइट में एंटीऑक्सीडेंट रिच फूड्स खिलाएं।
  • हेल्दी डाइट से आप बच्चों के लंग्स को हेल्दी बनाए रख सकते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।