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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : September 15, 2018 4:49 PM IST
ट्रांसजेंडर किशोर और आत्महत्या। © Shutterstock
ट्रांसजेंडर किशोरों की आत्महत्या वाली खबर आप बहुत कम पढ़ते होंगे। जबकि सामान्य किशोरों की आत्महत्या की खबरें अक्सर आती रहती हैं। क्या आपने कभी सोचा ऐसा क्यों है ? क्या ट्रांसजेंडर किशोर आत्महत्या नहीं करते हैं ? अगर आकड़ों की बात करें तो यह बहुत ज्यादा है।
क्या कहता है नया शोध
नये शोध के अनुसार 50.8 प्रतिशत ट्रांसजेंडर 11 से 19 साल की उम्र तक आते-आते कम से कम एक बार आत्महत्या का प्रयास जरूर करते हैं। विशेषकर वो ट्रांसजेंडर जो पैदा तो लड़की के तौर पर होते हैं लेकिन पहचाने लड़के के तौर पर जाते हैं। शोध में यह बात भी सामने आयी है कि 41.8 प्रतिशत वो लोग भी हैं जो आत्महत्या का प्रयास करते हैं जो लड़की हैं या लड़का यह पहचाना नहीं जा सकता।
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कहां हुआ प्रकाशित
यह शोध अमेरिकन एकेडमी ऑफ पेडियाट्रिक्स की आधिकारिक पत्रिका ''पेडियाट्रिक्स'' में ''ट्रांसजेंडर एडोलसेंट सुसाइड बिहेवियर'' नाम से प्रकाशित किया गया है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता
शोधकर्ता बताते हैं कि उनका शोध इस बात की पड़ताल करता है कि टांसजेंडर जो संख्या में कम हैं उनके साथ जेंडर, पूर्वाग्रह, भेदभाव आदि कैसे असर करता है। इनका उन पर कितना नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। परिवार और समाज का क्या व्यवहार होता जो इस पर असर करता है।
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क्या है जरूरत
यह शोध इस बात पर भी जोर देता है कि यदि ट्रांसजेंडर होने की वजह से किशोरावस्था इतने खतरे में है तो उनको समाज कैसे आपनाएगा। इस विषय पर परिवारों, स्कूलों, डॉक्टरों, सरकारों और मीडिया को अवश्य ध्यान देना चाहिए। इसके बारे में लोगों को जागरूक करना चाहिए।