बच्चे को 6 महीने से पहले पानी पिलाने से क्या होता है? पीडियाट्रिशियन ने बताई हैरान कर देने वाली बात
बच्चे को 6 महीने से पहले पानी पिलाने से क्या होता है? पीडियाट्रिशियन ने बताई हैरान कर देने वाली बात
पीडियाट्रिशियन अनुराधा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो शेयर करके बताया है कि 6 महीने की उम्र से पहले बच्चों को पानी दिया जाए, तो क्या (6 Mahine se kam umar ke Bachho ko pani dene ke nuksaan) हो सकता है।
Written By: Ashu Kumar Das | Published : December 9, 2025 6:59 PM IST
What happens if you give water to your baby before 6 months: अगर आप 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को पानी देते हैं, तो ये उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। पीडियाट्रिशियन अनुराधा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है और बताया है कि 6 महीने की कम उम्र के बच्चों को पानी दिया जाए, तो क्या हो सकता है और बच्चों को किस उम्र से पानी देना शुरू करना चाहिए।
बच्चे को 6 महीने से पहले पानी पिलाने से क्या होता है- What happens if you give water to your baby before 6 months
विकास में बाधा - डॉक्टर के अनुसार, 6 महीने से कम उम्र के बच्चों की हाइड्रेशन की जरूरत मां के दूध से पूरी हो जाती है। मां के दूध में 80% तक पानी होता है, जो बच्चे के शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। ऐसे में बच्चों को ऊपर से पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती है। अगर आप 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को पानी देते हैं, तो छोटा सा बच्चा थोड़ा-सा पानी पीने के बाद ही पेट भर लेता है। इससे वो मां का दूध कम पीता है। जिसके कारण बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा आ सकती है।
कुपोषण का खतरा- ये बात तो सभी जानते हैं कि मां का दूध ही बच्चे के लिए संपूर्ण आहार होता है। अगर आप 6 महीने से कम उम्र के बच्चे को पानी देते हैं, तो वो दूध नहीं पिएगा। दूध न पीने से बच्चे को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाएंगे। इससे बच्चे में कुपोषण का खतरा रहता है।
इंफेक्शन का खतरा - डॉ. अनुराधा का कहना है कि 6 महीने से पहले बच्चे की आंतें बेहद कमजोर होती हैं। ऐसे में बच्चे को दिए जाने वाला पानी थोड़ा सा भी अशुद्ध होता है, तो दस्त, उल्टी, पेट में संक्रमण, बुखार जैसी समस्याएं तुरंत हो सकती हैं।
वॉटर इंटॉक्सिकेशन का खतरा- आपने शायद कम सुना हो, लेकिन 6 महीने से पहले पानी देने से बच्चे के खून में सोडियम की मात्रा कम हो सकती है। इसे मेडिकल की भाषा में वॉटर इंटॉक्सिकेशन कहा जाता है। इससे बच्चे को शारीरिक सुस्ती, दौरे और बेहोशी हो सकती है। इतना नहीं कई बार 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को पानी देना उनके लिए जानलेवा भी हो सकता है।
डॉक्टर का कहना है कि 6 महीने की उम्र के बाद बच्चे को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीने के लिए दिया जा सकता है। बच्चे को हमेशा उबलाकर ठंडा किया हुआ पानी ही देना चाहिए। 6 महीने की उम्र के बाद बच्चे को शुरुआत में 2 से 3 चम्मच पानी देना चाहिए। पेरेंट्स उम्र के अनुसार, बच्चे को पानी पिलाने की मात्रा बढ़ा सकते हैं।
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