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  • बच्चे को मोबाइल देने से पहले खुद से ज़रूर पूछें ये 3 सवाल

बच्चे को मोबाइल देने से पहले खुद से ज़रूर पूछें ये 3 सवाल

बच्चे को चुप कराने के लिए मोबाइल देने से पहले सोच लें, वह बन सकता है फोन एडिक्ट।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : August 3, 2018 7:04 PM IST

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Phones and tablets: Electronic devices can cause damage to the cells in the brain says, Dr Rohit Agarwal. Sure you are not going to expose your baby to a tablet, or a mobile, so follow the same rule for other kids too.

ज़िद करते या रोते बच्चों को चुप कराने का जो बेहतरीन तरीका इन दिनों ज़्यादातर मां-बाप अपनाते हैं वह बच्चे के हाथ में मोबाइल फोन पकड़ा देना। हमारे लिए यह बहुत सहूलियत भरा है क्योंकि बच्चे मोबाइल फोन मिलते ही वर्चुअल दुनिया में खो जाते हैं और उनका रोना, चिल्लाना, शोर मचाना सब थम जाता है। लेकिन शायद आपने सोचा नहीं या शायद जानकर भी इस बात को उतनी गंभीरता से नहीं ले रहे कि यह आपके बच्चे के लिए कितना नुकसानदायक साबित हो सकता है। आपकी कुछ आदतें आपके बच्चे को फोन एडिक्ट बना देती हैं।

स्क्रीन एडिक्शन अचानक पैदा हुई समस्या नहीं है। लंबे समय तक स्क्रीन के सम्पर्क में रहने से धीरे धीरे  यह आदत ज़ोर पकड़ती है। लेकिन हम अपनी आदतों को सुधारने की बजाय या तो टेक्नोलॉजी को दोष देते हैं या बच्चों को। लेकिन  बच्चों को मोबाइल फोन पकड़ाने से पहले ज़रा इन बातों पर गौर कीजिए

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क्या मोबाइल देना सचमुच ज़रूरी है: ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को मोबाइल सिर्फ इसलिए देते हैं क्योंकि उनको लगता है कि वह इन सब चीजों में व्यस्त रहेगा और उन्हें परेशान नहीं करेगा। कुछ दिन के बाद आप सोचते हैं कि यह आपके बच्चों के लिए अच्छा है इससे कोई भी नुकसान नहीं है और आप उन पर ध्यान नहीं देते हैं। यहीं पर आप गलती करते हैं क्योंकि मोबाइल की वजह से आपका बच्चा ज्यादा खेलता कूदता नहीं है और उसके दिमाग में ऐसे बदलाव आने लगते हैं की वो आपको छोड़कर मोबाइल से ही चिपका रहता है।

क्या सचमुच मोबाइल पर बच्चा कुछ सीख रहा है: जी हां, ये सही ही की टेक्नोलोजी का इस्तेमाल आप कुछ सीखने किये कर सकते है और करने भी चाहिए ये गलत नहीं है लेकिन इसका ये मतलब नहीं की सीखने के नाम पर अपने बच्चों को ये सब चीजें घंटों इस्तेमाल के लिए दे दें, इससे वो सीखते कम हैं और खेलते ज्यादा हैं।

आपका बच्चा घर में ज़्यादा और बाहर कम खेलने लगा है:   जब आपका बच्चा बाहर खेलने की बजाय फोन में चिपका रहे तो आपको समझ लेना चाहिए कि कुछ गलत हो रहा है। इसलिए आप सचेत रहिये और अपने बच्चों को इन सब चीजों का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल न करने दें। दिनभर घर में बैठे रहने से उसका शारीरिक और मानसिक विकास अवरोधित होगा। साथ ही उसे मोटापा और सुस्ती जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।

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चित्रस्रोत: Shutterstock.

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Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.

साधना  तिवारी

साधना तिवारी

साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More

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