बारिश में बार- बार भीगने से बच्चा पड़ रहा है बीमार? पेरेंट्स फॉलो करें ये 5 टिप्स
बारिश में बार- बार भीगने से बच्चा पड़ रहा है बीमार? पेरेंट्स फॉलो करें ये 5 टिप्स
बारिश का मौसम अपने साथ संक्रमण और विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन भी लेकर आता है। ये इंफेक्शन बच्चों को ज्यादा प्रभावित करता है। बारिश के मौसम में बच्चा बीमार न पड़े इसके लिए हम कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं।
Written By:
Ashu Kumar Das
| Published : June 13, 2026 11:12 AM IST
मानसून में बच्चों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
पूरे देश में इन दिनों कभी गर्मी तो कभी बारिश का मौसम चल रहा है। बारिश का मौसम बच्चों को बहुत ज्यादा लुभाने वाला होता है। बारिश की फुहार में बच्चों को नहाना, जहां पर पानी इकट्ठा हो वहां पर खेलना, कूदना और कागज की नाव चलाना बहुत पसंद होता है। लेकिन बारिश के मौसम में बच्चों की यही मस्ती बीमारी का कारण बन जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, बारिश के मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, वायरल इन्फेक्शन और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले भी बढ़ जाते हैं। नई दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. शैलेश शर्मा बताते हैं कि बारिश में भीगना अकेले बीमारी का कारण नहीं है, बल्कि बारिश के मौसम में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया, फंगस, गंदा पानी और हाइजीन की कमी बच्चों में बीमारी का कारण बनते हैं। ऐसे में पेरेंट्स को कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, ताकि बारिश के मौसम में बच्चों को बीमारी से बचाया जा सके।
बच्चों को मानसून में बीमारियों से बचाने के लिए 5 जरूरी टिप्स
डॉ. शैलेश शर्मा बताते हैं कि अगर बच्चा बारिश में भीग गया है तो उसे लंबे समय तक गीले कपड़ों में न रहने दें। गीले कपड़े शरीर का तापमान कम कर सकते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए बारिश में भीगने के बाद बच्चों के कपड़ों को तुरंत बदलने की कोशिश करें।
बारिश के मौसम में हवा में नमी के कारण संक्रमण का खतरा कई गुणा ज्यादा हो जाता है। इसलिए बच्चों का खाने से पहले, बाहर से आने के बाद और खेलकर लौटने पर साबुन से हाथ धोना बेहद जरूरी है। WHO की रिपोर्ट बताती है कि बारिश में हैंड हाइजीन को बनाए रखने से संक्रमण का खतरा 70 से 80 प्रतिशत तक कम हो सकता है। WHO के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, नियमित हाथ धोने से डायरिया के मामलों में लगभग 30% और श्वसन संक्रमणों में 17% तक कमी आ सकती है।
मानसून में गंदे पानी से डायरिया, टाइफाइड और पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि पेरेंट्स को बच्चों को पीने के लिए उबला हुआ पानी देना चाहिए। बच्चों को पेट के संक्रमण से बचाने के लिए उबले हुए पानी में पका हुआ खाना ही देना चाहिए।
बच्चों के खाने में मौसमी फल, हरी सब्जियां, दही, प्रोटीन और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना बारिश के मौसम में ज्यादा जरूरी हो जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर मौजूद रिसर्च बताती है कि बारिश के मौसम में सही आहार लेने से इम्यूनिटी मजबूत बनती है, जिससे बीमारियों का खतरा कम होता है।
बच्चों में बीमारियों को कम करने के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें और बच्चों को मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग कराएं। मानसून में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है।
WHO के अनुसार, टीके 30 से अधिक गंभीर बीमारियों से सुरक्षा देते करते हैं। इसलिए बच्चों का वैक्सीनेशन शेड्यूल पूरा होना चाहिए।
Disclaimer: बारिश में खेलना बच्चों के लिए आनंददायक हो सकता है, लेकिन सही साफ- सफाई, पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद और समय पर देखभाल के बिना मानसून कई बीमारियां भी साथ ला सकता है। इसलिए बारिश के मौसम में बच्चों की ज्यादा देखभाल करें।
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