
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : May 19, 2026 6:45 AM IST
Medically Verified By: Dr. Rita Bakshi
ब्रेस्टफीडिंग
बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उसकी सही देखभाल और पोषण होती है। खासकर नई मांओं के मन में बच्चे की सेहत को लेकर कई सवाल होते हैं, जैसे बच्चे को क्या खिलाना चाहिए, कब से दूसरी चीजें शुरू करनी चाहिए और उसकी ग्रोथ के लिए क्या जरूरी है। हर मां के लिए यह सब एक चुनौती की तरह होता है।
RISAA IVF की को-फाउंडर और सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी बताती हैं कि शिशु के शुरुआती दिनों में सही पोषण बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यही उसके शारीरिक और मानसिक विकास की नींव बनाता है। ऐसे में स्तनपान को लेकर सही जानकारी होना हर मां के लिए बेहद जरूरी है। आज हम आपको डॉक्टर द्वारा बताए ‘शिशु के लिए स्तनपान क्यों जरूरी माना जाता है?’ और इससे जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?, के बारे में बताने वाले हैं।
जन्म के बाद शिशु के लिए मां का दूध सबसे अच्छा और संपूर्ण आहार माना जाता है। बच्चे को जन्म से लेकर पहले 6 महीने तक केवल स्तनपान ही कराना चाहिए। इस दौरान बच्चे को पानी, शहद, गाय का दूध या कोई दूसरी चीज देने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि मां के दूध में ही सभी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो बच्चे के सही विकास में मदद करते हैं।
6 महीने के बाद बच्चे को मां के दूध के साथ-साथ हल्का और नरम खाना देना शुरू किया जा सकता है, जैसे दाल का पानी, खिचड़ी, मसला हुआ केला या अन्य पौष्टिक चीजें। इसके साथ स्तनपान भी जारी रखा जा सकता है। लेकिन 1 साल के बाद बच्चे के शरीर को ज्यादा पोषण दूसरे खाने से मिलने लगता है, इसलिए उस समय केवल मां के दूध पर निर्भर रहना जरूरी नहीं होता।
डॉक्टर बताती हैं कि जब बच्चा 6 महीने का हो जाता है, तब उसके शरीर को ज्यादा पोषण की जरूरत होने लगती है। ऐसे में केवल मां का दूध पर्याप्त नहीं होता, इसलिए मां के दूध के साथ-साथ दूसरी पौष्टिक चीजें देना शुरू करना जरूरी हो जाता है। इस समय बच्चे को हल्का, नरम और आसानी से पचने वाला खाना दिया जा सकता है, जैसे खिचड़ी, दाल का पानी, मसला हुआ फल, दलिया या सब्जियों की प्यूरी।
हालांकि, इस दौरान स्तनपान बंद नहीं करना चाहिए। मां का दूध बच्चे को पोषण और इम्यूनिटी दोनों देने में मदद करता है। धीरे-धीरे बच्चे की उम्र और जरूरत के अनुसार उसका खाना बढ़ाया जा सकता है।
स्तनपान के समय मां और बच्चे दोनों की सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि मां जो खाती और पीती है उसका असर बच्चे की सेहत पर भी पड़ता है। अगर मां पौष्टिक खाना खाए, पर्याप्त पानी पिए और आराम करे, तो बच्चे को भी सही पोषण मिलता है। साथ ही, बच्चे की सफाई,
सही तरीके से दूध पिलाना और समय-समय पर उसकी जांच करवाना भी जरूरी है। इससे बच्चे की ग्रोथ अच्छी रहती है और वह कई बीमारियों से सुरक्षित रहता है।
स्तनपान बच्चे के लिए जीवन की सबसे अच्छी शुरुआत माना जाता है। यह बच्चे को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ उसकी इम्यूनिटी मजबूत करने में भी मदद करता है। हालांकि, हर बच्चे की जरूरत अलग होती है, इसलिए समय-समय पर डॉक्टर से सलाह और बच्चे का नियमित चेकअप करवाना भी बहुत जरूरी है। इससे बच्चे की ग्रोथ, वजन और पोषण की सही जानकारी मिलती रहती है। साथ ही, मां की सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, ताकि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकें।
डिस्क्लेमर- बच्चे को शुरुआत में स्तनपान ही कराएं, क्योंकि यही बच्चे के लिए एकमात्र भोजन होता है। साथ ही बच्चे को कब और क्या खिलाना है, इस विषय पर डॉक्टर से सलाह लें। घर पर दी जा रही अलग-अलग सलाहों को फॉलो न करें।