Social Anxiety: बड़ो ही नहीं बच्चों को भी होती है सोशल एंग्जायटी,इन टिप्स से दूर होगी समस्या,बढ़ेगा कॉन्फिडेंस

अगर आपके परिवार में कोई सदस्य या आपका बच्चा सोशल एंग्जायटी से परेशान है तो आप इन तरीकों से उनकी मदद करें।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 14, 2023 9:14 PM IST

Tips to overcome social anxiety: बहुत से लोगों को अपने आसपास के लोगों से बात करते समय बहुत झिझक महसूस होती है, या मीटिंग्स के दौरान ऐसे लोग कुछ भी बोलते समय डर जाते हैं। वहीं, ऐसे लोगों को दोस्ती करने या डेट पर जाने की बात से भी नर्वसनेस महसूस होने लगती है। ये सारी परेशानियां सोशल एंग्जायटी का लक्षण हो सकती हैं जो कई लोगों के व्यवहार से जुड़ी एक आदत है और इसकी वजह से उन्हें बहुत परेशानी होती है। अपनी झिझक और लोगों से मिलने-जुलने से बचने की आदत के कारण लोगों को अपनी पर्सनल लाइफ, करियर और पढ़ाई जैसी फिल्ड्स में भी काफी मुश्किलें आती हैं। वहीं, बच्चों में भी सोशल एंग्जायटी के कारण स्कूल या कॉलेज में दोस्ती करना, ग्रुप स्टडी करना और अन्य तरह की ग्रुप एक्टिविटीज में हिस्सा लेने से बचते देखा जाता है।

हालांकि, सोशल एंग्जायटी एक कॉमन प्रॉब्लम है और कई आसान तरीकों से इससे राहत पायी जा सकती है। सोशल एंग्जायटी की वजह से लोगों को खुश रहने, अपने रिश्ते संभालने और दोस्तों-परिवार के साथ बात करने के तरीके पर भी असर पड़ता है। अगर आपके परिवार में कोई सदस्य या आपका बच्चा सोशल एंग्जायटी से परेशान है तो आप उन स्थितियों से निपटने में उनकी मदद करें जो उनकी सोशल एंग्जायटी बढ़ाती है। इसके साथ ही इन टिप्स को फॉलो करने में उनकी हेल्प करें, जो सोशल एंग्जायटी कम करती हैं। (Tips to overcome social anxiety in Hindi)

सोशल एंग्जायटी के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of social anxiety in Hindi)

  • दूसरों से डरना
  • किसी के सामने जाने से झिझकना
  • अन्य लोगों से बात करने से डरना (fear to interact or speak to others)
  • अन्य लोगों द्वारा खुद के बारे में गलत राय बनाने का डर
  • बिना वजह सोचते रहना या बहुत घबराहट महसूस करना
  • फैसले लेने में दिक्कत (difficulty in decision making)
  • डर (Fear)
  • हाथ-पैर कांपना  (shaking legs and hands)

सोशल एंग्जायटी से बचने के उपाय क्या हैं? (Ways to deal social anxiety in kids)

  • बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए आप उन्हें ऐसी स्थितियों से बचाने की कोशिश करें जिसमें उनकी एंग्जायटी बढ़ जाती है।
  • बच्चों को डरने की बजाय दुनिया वालों का सामना करने के लिए मोटिवेट करें।
  • सोशल एंग्जायटी से परेशान लोगों के लिए थेरेपिस्ट की मदद लेने की सलाह दी जाती है।
  • डॉक्टर द्वारा बतायी गयी दवाओं का सेवन समय पर करें।
  • एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन की मदद से बेचैनी कंट्रोल करने के प्रयास किए जा सकते हैं।
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