बोर्ड एक्जाम्स से पहले हो रही है टेंशन? बच्चों के मन से डर और स्ट्रेस दूर करने के लिए करें ये 5 काम

अब चूंकि परीक्षाएं नजदीक हैं तो ऐसे में आप बच्चों को एंग्जायटी और स्ट्रेस से बचाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 6, 2023 3:13 PM IST

How to beat exam stress in kids:  फरवरी का महीना शुरू होने के साथ ही देश में परीक्षाओं का दौर भी शुरू हो जाता है। अलग-अलग स्टेट बोर्ड्स की एक्ज़ाम्स से लेकर कई तरह की एंट्रेस एक्ज़ाम्स भी फरवरी में ही होती हैं। वहीं, मार्च से लेकर मई महीने तक अलग-अलग क्लास की परीक्षाएं भी होती हैं। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। इस साल सीबीएसई की एक्जाम्स 15 फरवरी से ( CBSE exam begin from February 15, 2023 ) शुरू हो रही हैं।

ऐसे में हर तरफ पढ़ाई करते हुए बच्चे आपको दिखाई दे सकते हैं। वहीं, परीक्षाओं के मौसम में कई स्टुडेंट्स को आप परेशान और घबराया हुआ भी देखेंगे। इन बच्चों में कई बार तनाव इतना अधिक होता है कि वे ना तो ठीक तरीके से खा-पी सकते हैं और ना ही उन्हें नींद आती है। वहीं, इन सब चीजों का असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है। इससे बच्चों को पढ़ाई में फोकस कर पाने में दिक्कत आती है और उनके पेपर भी ठीक तरीके से नहीं लिख पाते। (How to beat exam stress in kids)

अब चूंकि परीक्षाएं नजदीक हैं तो ऐसे में आप बच्चों को एंग्जायटी और स्ट्रेस से बचाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं। यहां पढ़ें कुछ ऐसी टिप्स जो परीक्षाओं के दौरान बच्चों को होने वाली मानसिक परेशानियों से आराम दिलाने का काम करती हैं।

बच्चों में एक्जाम स्ट्रेस के लक्षण क्या हैं ? (Symptoms of exam stress in children)

परीक्षा पास आते ही अगर आपके बच्चे में इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो इसे गम्भीरता से लें क्योंकि हो सकता है कि आपका बच्चा एक्जाम स्ट्रेस महसूस कर रहा हो।

  • बच्चे के बिहेयविर में बदलाव आना जैसे बच्चे का बात-बात पर इरिटेट होना या पूरी तरह शांत हो जाना।
  • रात में ठीक तरीके से सो ना पाना, रात में बार-बार नींद से जाग उठना।
  • कभी शांत ना बैठ पाना।
  • भूख मर जाना या अचानक से बच्चे की भूख बढ़ जाना, इमोशनल इटिंग आदि।
  • व्यवहार में चिड़चिड़ापन आना।
  • दिनभर पढ़ाई करते रहना या रट्टा मारना

एक्जाम स्ट्रेस को मात देने में ऐसे करें बच्चों की मदद (Ways to help kids to beat exam stress)

बच्चों को आराम करने के लिए कहें

पढ़ाई करने के साथ-साथ बच्चों को आराम करने के लिए भी कहें। उन्हें, रात में 7-8 घंटे सोने के लिए कहें। दिन में भी बच्चों को 10-20 मिनट की झपकी लेने के लिए कहें। इससे उनके दिमाग को आराम मिलेगा और तनाव कम होगा। इसके साथ ही उन्हें टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करने और आराम करने का समय तय करने के लिए कहें। इससे उन्हें स्ट्रेस से काफी आराम मिलेगा।

हेल्दी डाइट खिलाएं

बच्चों की एक्जाम आने के साथ ही उनकी डाइट में बदलाव करें। ताजी हरी सब्जियों, फलों, दही, ड्राई फ्रूट्स और दूध का सेवन करें। बच्चों को हाई-फैट, गैस बनाने वाले और हाई-कैलोरी फूड्स ना खाने दें। क्योंकि, इससे बच्चों को स्ट्रेस महसूस होता है।

हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें

बच्चों में स्ट्रेस कम करने के लिए आप उन्हें हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करने के लिए कहें। सुबह या शाम को वॉक करने जाएं, थोड़ी देर डांस करें या स्वीमिंग करने जाएं। इससे शरीर की स्ट्रेचिंग भी होगी, तनाव कम होगा और ब्लड सर्कुलशन भी बेहतर रहेगा।

ग्रुप स्टडी करने दें

इसके साथ ही बच्चों को ग्रुप स्टडी करने के लिए कहें। अन्य बच्चों के साथ पढ़ाई करने से उन्हें कन्फ्यूजन कम होगी और डाउट्स भी क्लीयर होंगे, जिससे तनाव नहीं बढ़ेगा।

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