
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 7, 2022 10:22 AM IST
Tips to handle an aggressive child: गुस्सा करना और नाराज होना बच्चों के रोजमर्रा के व्यवहार में शामिल होता है। मां-बाप से छोटी-छोटी बातों पर नाराज होना या गुस्सा करना हर बच्चे की आदत होती है। वहीं, कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो बहुत अधिक गुस्सा करते हैं। गुस्से में रोना-धोना, चीखना-चिल्लाना इन बच्चों की आदत-सी बन जाता है और पेरेंट्स के लिए इस तरह के बच्चों को संभाल पाना मुश्किल हो जाता है। खासकर, न्यूक्लियर फैमिलीज और वर्किंग पेरेंट्स के बीच रहने वाले बच्चों में इस तरह का व्यवहार बहुत अधिक देखा जाता है जहां, अकेले रहने वाला बच्चा धीरे-धीरे चिड़चिड़ा और गुस्सैल बनने लगता है और माता-पिता के समझाने या डांटने से स्थिति और भी खराब बन सकती है। ऐसे में बच्चों को संभालने के लिए क्या करना चाहिए? अगर आपकी भी यही समस्या है तो पढ़ें यह लेख और समझें आसानी और समझदारी से गुस्सैल बच्चों को शांत कराने के उपाय। (Tips to handle an aggressive child)
जब बच्चे को गुस्सा आए तो उसे डांटने-डपटने की बजाय इन तरीकों से शांत कराने की कोशिश की जा सकती है-
बहुत अधिक स्क्रिन एक्सपोजर यानि टीवी या मोबाइल देखने से भी बच्चों का व्यवहार चिड़चिड़ा और गुस्से वाला बन सकता है। विशेषकर कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में जिन बच्चों ने बहुत अधिक मोबाइल या टीवी देखा है उनके बर्ताव में बहुत अधिक गुस्सा देखा जा रहा है। ऐसे बच्चे बार-बार अपने माता-पिता से गुस्सा हो जाते हैं। जब बच्चे गुस्सा करें तो उन्हें शांत कराने की कोशिश करें। अगर बच्चे शांत ना हों तो उन्हें आसपास के किसी पार्क या गार्डन में ले जाएं। नेचर के बीच पंक्षियों, पेड़ों और फूलों की बात करें। इससे, बच्चा ना केवल शांत होगा बल्कि, प्रकृति से कनेक्ट भी कर सकेगा।
कई बार बच्चे अपनी बात मनवाने के लिए भी गुस्सा या जिद करते हैं। इसीलिए ऐसे में उन्हें डांटने की बजाय उनकी परेशानी को समझनें की कोशिश करें। बच्चे की बात सुनें और वह किस चीज के लिए गुस्सा कर रहा है उस कारण को समझें। कई बार बच्चे माता-पिता का साथ याअटेंशन पाने के लिए भी गुस्स करते हैं। इसीलिए, बच्चे की भावनात्मक जरूरत को भी समझें। अगर आप उसकी बात सुनेंगे तो बच्चा आपके ऊपर भी विश्वास कर सकेगा और अगली बार हो सकता है कि वह जिद या गुस्सा करने की बजाय अपनी बात आपसे सीधे-सीधे कह सके।
जब बच्चा किसी बात को लेकर आपसे गुस्से में हो और आपसे दूर जाकर कहीं बैठ जाए तो बार-बार उसके पास जाकर उसे मनाने या उससे बात करने की कोशिश ना करें। थोड़ी देर उसे वहीं, वैसे ही अकेला रहने दें। जब बच्चे का गुस्सा शांत हो जाएगा तो हो सकता है वह खुद अपनी बात दोबारा शुरू करे। इसी तरह आप भी बच्चे से बात करने की कोशिश कर सकते हैं।