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जब बच्चे को समझाना हो गुड टच और बैड टच के बीच का अंतर, तो ध्यान में रखें ये बातें !

एक्सपर्ट से जानें बच्चों को कैसे दी जा सकती सेक्सुअल अंगों के बारे में जानकारी।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : September 11, 2018 5:02 PM IST

बच्चे जैसे ही समझदार होने लगते हैं, उनकी प्रायवेट पार्ट्स और शरीर के बाकी अंगों से जुड़ी बातें जानना चाहते हैं और उससे जुड़े सवाल पूछते हैं। कई बार आपको समझ नहीं आता कि बच्चे को क्या जवाब दें और उसे कैसे समझाएं। इस बारे में हमने चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट शुची दलवी से बात की जिन्होंने बताया कि किस तरह माता-पिता अपने बच्चों से बात कर सकते हैं। डॉ. दलवी के अनुसार , “यह माता-पिता की ज़िम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों को उनके शरीर के बारे में सिखाएं। फिर चाहे प्रायवेट पार्टस की बात हो या आंखों की, उसे हर अंग के बारे में बताना और बच्चे के सवालों का जवाब ईमानदारी और आश्वस्त करनेवाले तरीके से दें। अपने बच्चे से बात करना और उसे सिखाना काफी मुश्किलभरा काम हो सकता है। हमारे शरीर की बनावट औऱ प्रायवेट पार्टस के बारे में जानकारी बच्चों के लिए समझना काफी कठिन है इसलिए उन्हें समझ आनेवाले तरीके से बात करें।

जब करनी हो बच्चों से बात-

  • च्चे की बात शांति से सुनें- सवाल पूछने में कोई बुराई नहीं। बच्चे हर बात को लेकर जिज्ञासु होते हैं। विशेषकर बच्चा अपने और अपने माता-पिता के शरीर में अंतर को लेकर और उत्सुक होता है। वो इस बात की ओर भी बहुत जल्दी ध्यान देते हैं कि लड़के और लड़की के शरीर में काफी अंतर होता है। इसलिए जब आपका बच्चा आपसे अपने प्रायवेट अंगों के बारे में कोई सवाल पूछे तो उसे झिड़कने या डांटने की बजाय उसे समझाएं कि लड़की और लड़के में अंतर उनके प्रजनन अंगों की वजह से ही है। इसी तरह जिस अंग का जो नाम है वही बताएं। वैजाइना या पीनिस कहने से शर्माएं नहीं। शरीर के किसी अंग को शर्मिदगी का विषय बताना उसके दिमाग पर नकारात्मक असर डालेगा।
  • बच्चे का ध्यान किसी और तरफ मोड़ दें- अगर आप बाहर हैं, लोगों से घिरे हुए हैं और अगर आपका बच्चा उस समय कोई असहज होनेवाला सवाल पूछे तो उसका ध्यान बांटने की कोशिश करें। इसी तरह उसे यह भी समझाइए कि वह सवाल तभी पूछे जब कोई आसपास न हों या घर लौटने के बाद वह आपसे सवाल पूछ सकता है। उसका ध्यान हटाने की कोशिश में उसे शर्मिंदा न करें।
  • बताएं गुड टच और बैड टच के बीच का अंतर- 2-3 साल की उम्र बच्चे को अच्छे और बुरे तरीके से लोगों द्वारा स्पर्श किए जाने के बारे में बताने का सबसे अच्छा समय है। जब वह अपने वैजाइना और ब्रेस्ट्स (लड़कों को पीनिस और निप्पल) को लेकर उत्सुक होने लगे तो उसे बताएं कि ये सेंसटिव एरिया हैं जिन्हें केवल मां-बाप या उनकी देखभाल करने वाली आया जैसे लोग ही छू सकते हैं। साथ ही यह भी बताएं कि अगर कोई अनजाना व्यक्ति उन जगहों पर हाथ लगाए तो क्या करना चाहिए।