
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 11, 2024 3:14 PM IST
What to teach your child for good manners: माता-पिता वह घर के बड़ों से मिले संस्कार ही हमें समझ में पहचान दिलाते हैं। यही हमारी स्थिति को नकारात्मक या सकारात्मक रूप देते हैं। आपने तो अपने माता-पिता से संस्कार प्राप्त कर दिया अब बारी आपकी है अपने बच्चों को वही संस्कार देने की। आज के समय में परवरिश करना एक चुनौती है। जिसे आप अपने बड़े बुजुर्गों की सहायता लेकर पार कर सकते हैं। कई बार होता है कि हम बच्चों से न में दिखाने के चक्कर में कुछ गलतियां कर जाते हैं और बच्चे बिगड़ जाते हैं। उनके संस्कारों में या उनके व्यक्तित्व में ऐसी चीज जुड़ जाते हैं जो उनके भविष्य के लिए अच्छी नहीं होती इसलिए आपको उन्हें संस्कार देते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि वह भविष्य में एक अच्छे मनुष्य की तरह उभर सकें। आइए इस आर्टिकल में जाने कि आप कैसे दें अपने बच्चों को अच्छे संस्कार और उन्हें बनाएं एक अनुशासित बच्चा।
यह आदत उनके भविष्य के निर्माण के लिए बहुत जरूरी है। अगर बच्चा बाहर जा रहा है, कोई चीज खरीदना चाहता है, किसी दोस्त को कुछ देना चाहता है या फिर बाहर खेलने जाना चाहता है तो वह आपकी अनुमति ले। आप उसे बताएं कि कुछ भी ऐसा करने से पहले उसे आपसे पूछना चाहिए ताकि आप उसे सही और गलत का भेद बता सके।
बच्चे हमेशा ना समझे वाली गलतियां करते हैं जिसे हम हंसकर टाल देते हैं। यही वजह है कि बच्चे इसे इग्नोर कर देते हैं और सोचते हैं कि यह कोई बड़ी गलती नहीं है और इस बार-बार दोहराते रहते हैं। इससे उनके व्यक्तित्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बच्चा अगर किसी से बदतमीजी करें तो उसे रोक, अगर वह तोतली जुबान में बात करता है तो एक समय आने के बाद उसे टोक और उसमें बदलाव लाने की कोशिश करें।
बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिए आपको उन में दूसरों के प्रति सम्मान की भावना को भी जागना होगा। आप उन्हें सीखने की अगर घर में कोई भी बड़ा बुजुर्ग आए तो वह उसे नमस्ते करें, उनका हाल-चाल जाने और उनसे बात करने की कोशिश करें। अगर स्थिति में बच्चा उनसे बात नहीं करता, इग्नोर करता है तो सावधान हो जाइए और उनके व्यवहार में परिवर्तन लाइए और उन्हें अच्छे संस्कारों की तरफ लेकर जाइए।
परिवार में जब छोटा बच्चा आ जाता है तो बड़े बच्चों में नकारात्मक भावनाएं उत्पन्न होने लगते हैं। ऐसे में आप कोशिश करें कि दोनों पर ध्यान दें। और दोनों को ही शेयर करना सिखाए उन्हें हर चीज मिल बांटकर खान, पहने और खेलने को बोलों। यह एक अच्छी आदत है जो उन्हें अच्छे संस्कारों से रिक्त करती है।
बच्चे कई बार कुछ बड़ी गलतियां कर देते हैं। और हम अपने आपे से बाहर हो जाते हैं और उन्हें क्रोध से या चिल्ला कर बात करते हैं। बच्चे हर चीज हमसे ही सीखते हैं और चिल्लाना वह क्रोध करना भी वह हमेशा सीखते हैं। इसलिए वह कितनी ही बड़ी गलती करें आप उन्हें सजा दें लेकिन कुछ भी ऐसा अनुचित व्यवहार ना करें जो वह सीखें।
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