
... Read More
घर में नौनिहाल शिशु की परवरिश में पेरेंट्स को बहुत देखभाल करने की जरूरत होती है। इसके लिए उन्हें अपने बच्चे के विकास के लिए तैयार रहना होता है। जब बच्चा पहली बार पालने से जमीन पर पैर रखता है और चलना सीखता है तो उस समय पेरेंट्स को बहुत ही ज्यादा हिदायत बरतने की जरूरत होती है। बच्चे के बैठने, चलने, करवट लेने और लेटने तक की हर छोटी-बड़ी चीजों का ध्यान रखना होता है। आज बात करेंगे जब बच्चा पहली बार चलना (Tips To Help Toddler Walk) सीखता है तो पेरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। तो चलिए जानते हैं।
जब बच्चा पहली बार चलना सीखता है तो उस समय पेरेंट्स बच्चे के चलने के लिए वॉकर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी होता है कि वॉकर का यूज़ कब नहीं करना चाहिए। शुरुआती दिनों में वॉकर बच्चों का सहारा बनता है लेकिन जब बच्चा खुद से चलना सीख जाए तो वॉकर का यूज तुरंत बंद कर दें, नहीं तो बच्चे इस पर ही डिपेंड हो जाएंगे।
बच्चा जब भी चलने की कोशिश करे तो आप जमीन पर चटाई या फिर कारपेट बिछा दें। इससे बच्चे के घुटनों में चोट नहीं लगेगी और पैरों पर ज्यादा दबाव भी महसूस नहीं होगा क्योंकि जब बच्चा चलना शुरू करता है तो पूरे शरीर का भार पैरों पर ही रहता है जिससे वह अपने आप को अनकंफर्ट भी फील करने लगता है। बच्चों के चलने से लेकर हर एक्टिविटीज पर ध्यान देना होता है।
बच्चों को चलना सिखाने के लिए माता-पिता अहम भूमिका निभाते हैं जब बच्चा पहली बार चलना सीखता है तो वह पेरेंट्स की उंगली के सहारे अपने कदम आगे बढ़ाता है। पेरेंट्स भी ध्यान रखें जब बच्चा गिरने लगे तो उसे थामने के लिए अपनी उंगली का सहारा दे। इससे उसे मनोबल मिलेगा।
बच्चों की मांसपेशियां बहुत ही कमजोर होती हैं तो इसलिए मालिश बच्चों के लिए किसी जादू की छड़ी से कम नहीं है। तेल की मालिश करने से बच्चों की मांसपेशियां मजबूत होती है। साथ ही बच्चा जल्दी चलना सीखता है और तब अपना पूरा वजन बच्चा पैरों पर संभाल भी सकता है।
जब बच्चा पालने से जमीन पर पैर रखता है और चलना सीख रहा होता है तो उस समय पेरेंट्स किसी खिलौने के जरिए या किसी अन्य चीज के माध्यम से बच्चे को अपनी ओर बुलाएं जिससे कि बच्चे को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। इससे भी बच्चा जल्दी चलना सीखता है।