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Written By: Anshumala | Updated : July 29, 2021 8:36 AM IST
Image credits by: नवजात शिशु के लिए क्यों जरूरी है स्किन-टू-स्किन केयर, जानें फायदे...
Babycare Tips: एक शिशु सबसे ज्यादा अपनी मां के साथ रहता है। मां की गोद में उसे आराम मिलता है, जल्दी नींद आती है। मां की गोद में बच्चा सुरक्षित महसूस करता है। शिशु के प्रॉपर विकास के लिए उसे हर पल देखभाल की जरूरत होती है। नवजात शिशु की त्वचा कोमल होती है, ऐसे में एक मां को उसका पूरा ख्याल रखना पड़ता है। बच्चों को स्किन-टू-स्किन केयर भी दी जाती है। क्या आपने सुना है इसके बारे में? यदि नहीं, तो जरूर जानें क्या है स्किन-टू-स्किन केयर के फायदे (skin to skin care benefits)। यह बच्चों को स्वस्थ रखने का बेहतर टेक्नीक हो सकता है। इसे 'कंगारू केयर' (Kangaroo Care) भी कहा जाता है।
यह एक शिशु के लिए कई तरह से जरूरी होता है जैसे स्किन-टू-स्किन केयर (skin to skin care Benefits in Hindi) में शिशु का अपनी मां के साथ रिश्ता गहरा होता है। बच्चा अपनी मां की महक से पहचान सकता है। उसका विकास तेजी से हो सकता है। अध्ययन के अनुसार, स्किन-टू-स्किन केयर शिशु को आगे भी उसकी जिंदगी में विकास में मदद कर सकते हैं। जानें, स्किन-टू-स्किन केयर के फायदे क्या हैं....
स्किन-टू-स्किन केयर या कॉन्टैक्ट (Skin-to-skin contact for baby) में आपका अपने शिशु के साथ एक गहरा रिश्ता कायम करने में मदद करता है। इससे शिशु को भी महसूस होता है कि वह सुरक्षित है। इस टेक्नीक में अपने शिशु को मां को अपने सीने से लगाकर लिटाना होता है। इससे बच्चे को मां की त्वचा स्पर्श होती है। ध्यान रहे, इस दौरान शिशु सिर्फ डायपर में रहे तो ज्यादा फायदा होता है। आपको भी इस प्रक्रिया के दौरान शर्ट, टीशर्ट उतारना की जरूरत होती है, ताकि शिशु का आपकी त्वचा का सही से स्पर्श हो जाए।
हालांकि, स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट अपने शिशु के साथ मां के अलावा पिता भी कर सकते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट प्रीमैच्योर बेबीज यानी समय से पहले जन्में शिशु या उनके लिए अधिक फायदेमंद होता है, जिनका वजन जन्म के समय बहुत कम होता है। इसके जरिए नवजात शिशु के शरीर का तापमान, हार्ट रेट, सांस लेने की प्रक्रिया सही रहती है। इससे ब्रेस्टमिल्क के प्रोडक्शन में भी बढ़ावा हो सकता है। हार्मोन ऑक्सीटोसिन का निर्माण अधिक होता है, जो ब्लीडिंग को कम कर सकता है। कोशिश करें अपने शिशु को स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट सोते समय दें, ताकि उसे सुरक्षित होने का अहसास हो। वह डर या चौंक कर उठ ना जाए।
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