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Written By: Anshumala | Updated : December 19, 2019 11:31 AM IST
छोटे बच्चों की सर्दियों में देखभाल करने के आसान टिप्स।
कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। ऐसे में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है, क्योंकि बच्चों की इम्यूनिटी पावर मजबूत नहीं होती। इससे उन्हें ठंड में होने वाली शारीरिक समस्याएं जल्दी हो सकती हैं। नवजात शिशु से लेकर 5 वर्ष के बच्चों की देखभाल में बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। छोटे बच्चों को सर्दी, खांसी और फ्लू जैसी बीमारी होने का खतरा हमेशा बना रहता है। कुछ टिप्स (Tips for baby care) के बारे में बता रहे हैं, जिसे फॉलो करके आप अपने नन्हे-मुन्हे को स्वस्थ रख सकती हैं। उन्हें ठंड में बीमार होने से बचा सकती हैं।
कुछ मांएं अपने छोटे बच्चे को सर्दी से बचाने के लिए हद से ज्यादा स्वेटर, जैकेट पहना देती हैं। इससे बच्चे ना ठीक से चल पाते हैं और ना ही बैठ पाते हैं। कई बार टोपी, मोजे, मफलर से वो ठीक से सांस भी नहीं ले पाते। आप ऊनी कपड़े पहनाएं, लेकिन उतना जितना जरूरी हो। घर में बच्चा है, तो एक-दो स्वेटर ही काफी है। बच्चे की त्वचा नाजुक होती है, तो सबसे पहले कॉटन का कपड़ा पहनाएं, उसके बाद ही स्वेटर पहनाएं। घर के खिड़की-दरवाजे बंद रखें ताकि ठंडी हवा ना अंदर आए। स्वेटर अच्छी क्वालिटी के होंगे, तो अधिक पहनाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। बाहर जाते समय भी पहनावे को लेकर अधिक सावधानी बरतें।
बच्चे की त्वचा कोमल होती है। अधिक ड्राई रहने पर रैशेज, खुजली होने लगती है। स्वेटर पहनाने से पहले बेबी लोशन, ऑयल या मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चे की त्वचा बहुत सेंसेटिव होती है। ऐसे में स्किन की खास देखभाल करनी चाहिए। नहलाने से पहले और बाद में कपड़ा पहनाते वक्त सरसों या जैतून का तेल लगाकर मालिश करें। इससे उसका शरीर गर्म रहेगा।
बच्चे के कमरे की खिड़कियां, दरवाजे को सुबह और रात के समय बंद रखें। दिन में धूप हो, तो खोल सकती हैं। रूम हीटर का अधिक प्रयोग ना करें। रूम हीटर से निकलने वाली गर्म हवा उनकी त्वचा के लिए सही नहीं होती।
रात में बच्चे को सुलाते समय आप फुल-स्लीव स्वेटर पहनाकर रखें। कई बार बच्चे कंबल-रजाई से बाहर आ जाते हैं, ऐसे में उन्हें ठंड लग सकती है। बहुत छोटा बच्चा है, तो डाइपर जरूर पहनाएं ताकि उसका बिस्तर गीला ना हो। कॉटन की टोपी भी पहनाएं, क्योंकि उनका सिर रजाई के अंदर नहीं रख सकते। रात में मोजा पहनाने से बचें, क्योंकि इससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है।
मां का दूध बच्चे के लिए बहुत जरूरी है। इससे उन्हें पोषण मिलता है और शरीर अंदर से गर्म रहता है। ठंड में भी बच्चे को हर एक घंटे के गैप में अपना दूध पिलाती रहें। इससे इम्यूनिटी मजबूत होने के साथ ही वे हर तरह के इंफेक्शन से बचे रहते हैं। दो से पांच वर्ष का बच्चा है, तो उसे घर का ही खाना खिलाएं, बाहर का कुछ भी देने से बचें।