बच्चों के दांत आने का इंतज़ार उनके मां-बाप को बहुत बेसब्री से होता है क्योंकि यह बहुत ही प्यारा-सा अनुभव होता है। लेकिन जब बच्चों के दांत आने लगते हैं तो बच्चों को कई तरह की परेशानियां भी होती हैं। कई बार माता-पिता भी इन समस्याओं की वजह समझ पाते हैं और कई बार उन्हें कुछ भी नहीं आता। हम यहां लिख रहे हैं कुछ ऐसी ही परेशानियों के बारे में जो बच्चों में दांत आने के संकेत हैं-
चिड़चिड़ापन- आंखें मसलना, सिर की खरोंचना आदि चिड़चिड़ेपन के लक्षण हैं जो कि आपके बच्चे में दांत आने के समय दिख सकते हैं। हालांकि शुरुआती चरण गुजरने के बाद ये लक्षण ठीक हो जाते हैं।
सोने में परेशानी- बेशक डॉक्टर बच्चे के छह महीने का होने के बाद नींद का पैटर्न नियमित होने की बात करते हैं। लेकिन दांत निकलने के दौरान बच्चा कई बार रात में जाग जाता है और रोना शुरू कर देता है। जाहिर है मसूड़ों के दर्द के कारण उसकी नींद हराम हो जाती है।
कम भूख लगना- दांत आने के दौरान बच्चों को कम भूख लगती है। वास्तव में मसूड़ों के दर्द की वजह से उन्हें खाने में परेशानी होती है। इसलिए इन दिनों बच्चे को खिलाने के समय को दो हिस्सों में बांट लें। मसलन अगर आप उसे 20 मिनट में खिलाती हैं, तो उसे 10 मिनट में दो बार खिलाएं।
डायरिया- इस दौरान मसूड़ों में दर्द होने की वजह से बच्चा कुछ भी चीज उठाकर मुंह में डाल लेता है। जाहिर है इससे उसके मुंह में बैक्टीरिया उसके मुंह में जा सकता है जिससे इन्फेक्शन का खतरा होता है। हालांकि हर बच्चा इस लक्षण का सामना नहीं करता है।
बुखार- इस दौरान बुखार और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार इन्फेक्शन के कारण बच्चे को हल्का बुखार हो सकता है जो कि पेरासिटामोल से ठीक हो सकता है।
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