
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : February 21, 2024 5:44 PM IST
Chanakya niti for parents : भारत के सबसे बड़े विद्वान और अर्थशास्त्री आचार्य चाणक्य को न सिर्फ राजनीति और अर्थशास्त्र का ज्ञान था, बल्कि उन्होंने समाजशास्त्र जैसे विषयों पर भी गहन अध्ययन किया था। आचार्य चाणक्य द्वारा दिए गए हर संदेश किसी न किसी रूप से सामाजिक कल्याण के लिए हैं। बच्चों को लेकर भी आचार्य ने माता-पिता को कई संदेश दिए हैं, ताकि आगे चलकर उनका बालक सही रास्ते पर चल सके। इन्ही मार्गदर्शन में परवरिश के दौरान माता-पिता द्वारा की गई गलतियां शामिल है। आइए जानते हैं माता-पिता की किन गलतियों को बच्चे के फ्यूचर में उसका नुकसान हो सकता है?
आचार्य चाणक्य के अनुसार, बच्चे एक गीली मिट्टी की तरह होते हैं। आप उन्हें जिस तरह से ढालेंगे, वे उसी तरह से ढल जाएंगे। इसलिए छोटे बच्चों को हमेशा प्यार से समझाएं। 5 वर्ष तक के उम्र के बच्चों को समझने की शक्ति नहीं होती है, उन्हें आप डांटकर या फिर गलत भाषा का प्रयोग करके समझा नहीं सकते हैं। कोशिश करें कि आप उन्हें प्यार से और विनम्र भाषा में बात करें। अगर आप उनके साथ गलत भाषा का प्रयोग करते हैं, तो आगे चलकर वे आपके साथ और दूसरों के साथ इस तरह का व्यवहार करेंगे। इससे उल्टा उन्हें भी नुकसान हो सकता है।
5 साल के बाद तक बच्चा कुछ हद तक समझदार हो जाता है, वे कई चीजों को समझाने लगता है। ऐसे में जब बच्चा गलतियां करें, तो उसपर चिल्लाने या फिर डांटने के बजाय उनसे उनकी गलतियों को लेकर धीरे-धीरे बातचीत करें। अगर आप उनकी गलतियों को लेकर बैठ जाएंगे, तो इसका असर उनके व्यवहार पर गलत पड़ेगा।
चाणक्य नीति के मुताबिक, माता-पिता अगर एक-दूसरे को सम्मान नहीं देते हैं, तो इसका असर बच्चों के व्यवहार पर पड़ने लगता है। बच्चों के सामने एक- दूसरे के प्रति प्रतिष्ठा और सम्मान बनाए रखना बहुत ही जरूरी है। ताकि बच्चा आगे आप दोनों का सम्मान र सके। घर में आप जिस तरह से व्यवहार करते हैं, बच्चा बाहर भी उसी तरह का व्यवहार करता है। इस बात को बिल्कुल भी न भूलें।
आचार्य चामक्य के मुताबिक, झूठ हमेशा एक शत्रु की तरह काम करता है। अगर आप एक माता-पिता हैं, तो कभी भी अपने बच्चों के सामने झूठ न बोलें। अगर आप झूठ बोलते हैं, तो इससे बच्चा आगे चलकर झूठ बोलना सीख सकता है। ध्यान रखें कि कभी भी आप अपने स्वार्थ के लिए बच्चों के सामने झूठ न बोलें।
माता-पिता को अपने बच्चों के सामने सोच-समझकर व्यवहार करना चाहिए, ताकि इसका गलत असर बच्चों पर न पड़े।