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Written By: Yogita Yadav | Updated : May 30, 2019 8:02 PM IST
समय से पहले जन्मी महज 245 ग्राम वजन वाली एक बच्ची को दुनिया की सबसे 'नन्ही बच्ची' माना जा रहा है। बच्ची को अमेरिका के एक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ©Shutterstock.
दुनिया में सबसे छोटे जीव के रूप में जन्मी बच्ची को पांच महीने अस्पताल में रहने के बाद बुधवार को छुट्टी दे दी गई। अब उसका वजन 2.5 किलोग्राम हो गया है। समय से पहले जन्मी महज 245 ग्राम वजन वाली एक बच्ची को दुनिया की सबसे 'नन्ही बच्ची' माना जा रहा है। बच्ची को अमेरिका के एक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। प्रीमेच्योर बेबी यानी प्रीटर्म बेबी उन्हें कहा जाता है जो तय अवधि से पहले जन्म ले लेते हैं। प्रीमेच्योर बेबी के जन्म के कई कारण हो सकते हैं।
मां के गर्भ में 23 सप्ताह और तीन दिन रहने के बाद बेबी सायबी का जन्म दिसंबर, 2018 में कैलिफोर्निया के सैन डिएगो के शार्प मैरी बर्च अस्पताल में हुआ था। उसका वजन एक बड़े सेब जितना था।
जीवन के लिए संघर्ष करती बच्ची को अस्पताल की गहन देखभाल इकाई में स्थानांतरित कर दिया गया। डॉक्टरों ने सायबी के माता-पिता को बताया था कि उसके पास जीने के लिए कुछ ही घंटे बचे हैं।
सीएनएन ने बताया कि बच्ची जन्म के बाद लगतार पांच महीने अस्पताल में भर्ती रही। अब उसके जिंदा रहने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। उसका वजन अब 2.5 किलोग्राम हो गया है। पूर्ण रूप से स्वस्थ इस बच्ची को अब अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
अस्पताल ने बुधवार को घोषणा की कि जन्म के समय बच्ची का वजन 245 ग्राम था। यानी उसने दुनिया की सबसे छोटी जीवित शिशु के रूप में जन्म लिया।
हॉस्पिटल में बच्चे को गर्म रखने के लिए इन्हें इनक्यूबेटर में रखा जाता है। घर आने के बाद बच्चे को मां का स्पर्श ही गर्म रखता है। उसे गर्म कपडे पहनाएं और अपनी त्वचा का स्पर्श देते रहें। लेकिन गर्म कपडे इतने भी न हों कि उसे सांस लेने में समस्या हो जाए। शिशु के कमरे में जाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करें, मास्क लगाएं और जूते-चप्पल बाहर उतार कर जाएं। उसके कमरे में बाहरी लोगों का आवागमन कम होना चाहिए। मां को शिशु से लगातार बात करनी चाहिए, ताकि वह सुरक्षित महसूस करे। घर में हाइजीन का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि ऐसे बच्चे को संक्रमण जल्दी घेर सकते हैं।