
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 5, 2026 7:46 AM IST
Medically Verified By: Dr. Aditya Satish Kulkarni
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World hand hygiene day 2026: हर साल 5 मई को वर्ड हैंड हाइजीन डे मनाया जाता है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि इन्फेक्शन से बचाव की शुरुआत एक बेहद आसान आदत से होती है, जो हाथों की सही सफाई है। बच्चों के लिए यह आदत और भी ज्यादा जरूरी है, क्योंकि उनके हाथ कीटाणुओं के सबसे तेज कैरियर बन सकते हैं। स्कूल की डेस्क, लंच बॉक्स, खिलौने, वॉशरूम के हैंडल, पार्क में झूले, लिफ्ट के बटन, पालतू जानवर और मिट्टी जैसी कई चीजों को छूने के बाद बच्चे अक्सर बिना सोचे-समझे अपने मुंह, नाक, आंखों या खाने को छू लेते हैं। ऐसे में कीटाणु आसानी से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। ऐसी लापरवाही से बच्चों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस विषय की जानकारी के लिए हमने मुंबई स्थित नारायणा हेल्थ SRCC चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी, कंसल्टेंट डॉ. आदित्य कुलकर्णी से बातचीत की है। आइए जानते हैं डॉक्टर से इस विषय के बारे में विस्तार से-
बाल रोग गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, हाथों की सफाई में थोड़ी-सी लापरवाही भी बच्चों में पेट से जुड़ी कई बीमारियों का कारण बन सकती है। वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस, टाइफाइड, हेपेटाइटिस A, पेट में कीड़े और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं दूषित हाथों के जरिए फैल सकती हैं। अक्सर पर्यावरण से हाथों पर लगे कीटाणु भोजन के साथ पेट तक पहुंच जाते हैं और इन्फेक्शन का कारणबनते हैं।
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कई बच्चे हाथ धोते समय सिर्फ हथेलियों को रगड़कर समझते हैं कि हाथ साफ हो गए, लेकिन कुछ हिस्से ऐसे होते हैं, जहां कीटाणु छिपे रह जाते हैं। इनमें शामिल हैं उंगलियों के सिरे, नाखूनों के नीचे की जगह, उंगलियों के बीच का हिस्सा, अंगूठा, कलाई और हाथों का पिछला हिस्सा, इत्यादि। ये ऐसे हिस्से हैं जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि यहां सबसे ज्यादा बैक्टीरिया और वायरस छिपे हो सकते हैं।
माता-पिता को बच्चों को यह समझाना चाहिए कि हाथ धोना सिर्फ पानी डालकर भाग जाने वाली प्रोसेस नहीं है। साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना जरूरी है। इस दौरान हथेलियां, हाथों का पिछला हिस्सा, उंगलियों के बीच, अंगूठा, नाखूनों के नीचे और कलाई को अच्छी तरह साफ करना चाहिए। बच्चों को हाथ धोते समय कोई छोटी कविता गुनगुनाने या धीरे-धीरे गिनती करने की आदत डलवाई जा सकती है, ताकि वे पर्याप्त समय तक हाथ साफ करें।
कुछ समय ऐसे होते हैं, जब हाथ धोना बिल्कुल नहीं भूलना चाहिए। खाना खाने से पहले, टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद, बाहर खेलकर आने के बाद, खांसने या छींकने के बाद, पालतू जानवरों को छूने के बाद, स्कूल से घर आने के बाद और खाना बनाने या छूने से पहले इत्यादि।
जब साबुन और पानी उपलब्ध न हो, तब हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर हाथ गंदे, चिकने या मिट्टी लगे हों, तो साबुन और पानी से हाथ धोना ही सबसे बेहतर तरीका है। मुख्य रूप से टॉयलेट के बाद और खाना खाने से पहले सही तरीके से हाथ धोना जरूरी है।
Disclaimer : साफ हाथ सिर्फ सर्दी-जुकाम से नहीं बचाते, बल्कि बच्चों के पेट को संक्रमण से सुरक्षित रखते हैं, स्कूल से छुट्टियां कम होती हैं, एंटीबायोटिक के अनावश्यक इस्तेमाल की जरूरत घटती है और पूरे परिवार को बीमारियों से बचाने में मदद मिलती है। बच्चों को सही तरीके से हाथ धोना सिखाना, उन्हें एक सुरक्षा कवच देने जैसा है, जो आसान भी है, सस्ता भी और बेहद असरदार भी।