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सिखाएं वे आदतें, जिनसे सोशल बनेंगे बच्‍चे

जरूरी है यह जानना कि सोशल होना एक बेहतर इंसान बनने के लिए कितना जरूरी है।

नौकरीपेशा पेरेंट्स की व्‍यस्‍तता और एकल परिवारों के चलते आजकल ज्‍यादातर बच्‍चे अंतर्मुखी हो गए हैं। उनके लिए अलग कमरा, अलग खिलौने और इस्‍तेमाल का अलग सामान है। ऐसे में वे यह सीख ही नहीं पाते कि सोशल होना एक बेहतर इंसान बनने के लिए कितना जरूरी है। शोध बताते हैं कि जो बच्‍चे बचपन से ही सोशल होते हैं, वे बड़े होकर बेहतर नागरिक बनते हैं। यदि आपका बच्‍चा भी है अंतर्मुखी, तो उसे सिखाएं ये आदतें ताकि वह भी एक बेहतर समाज नागरिक बन सके।

पहले खुद बनें सोशल - एक्सपर्ट्स के अनुसार, बच्चे आपको देखकर नैतिक मूल्यों और व्यवहार को सीखते हैं। अच्छी आदतें बच्चे के व्यक्तित्व की स्थापना करती हैं। बच्चे अपने माता-पिता और परिवार के अन्य बुजुर्गों का अनुकरण करने की कोशिश करते हैं। इसलिए पेरेंट्स के रूप में हम उन्हें जो भी बोलते या उनके सामने करते हैं बच्चे उसे करने की कोशिश करते हैं। अगर आप बच्चे अपनी सोशल लाइफ को ठीक रखेंगे तो बच्‍चा भी इसे बचपन से सीखेगा।

सिखाएं टुगेदरनेस-  मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि बच्चों को गेम और कहानियों के जरिए टुगेदरनेस का पाठ पढ़ाया जा सकता है। इस तरह खेल-खेल में वे समाज के एक-दूसरे के होने का महत्‍व भी समझ सकते हैं।

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सहानुभूति सिखाएं - गलती करने पर दंड देना समाधान नहीं है। ये बच्चों को जिद्दी बनाता है। सहानुभूति करके हम अपने बच्चे को उदार इंसान बनाने की दिशा में पहला कदम उठाते हैं। बच्चों को माफ भी करें, ताकि वे अन्‍य लोगों की गलतियों को भी बर्दाश्‍त करना सीखें।

शेयर करना सिखाएं - बच्चों को शेयर करना सिखाते समय यह ध्यान रखें कि अगर आप शेयर करेंगे तो वो भी शेयर करने की कला को सीखेंगे। बच्चों को खेलते हुए सीखने से बच्चे अच्छी आदतें बहुत अच्छी तरह से सीखते हैं।

बताएं जरूरी नियम - 'दूसरों के साथ जैसा करोगे, दूसरे भी आपके साथ वैसा ही व्यवहार करेंगे।"  आप अपने बच्चे को यह जरूर बतायें कि आप जैसा करेंगे, दूसरे बच्चे और बाकी लोग भी आपके साथ वही करेंगे।

खुशी से करें मदद - जब तक बच्चों को यह नहीं पता होगा कि दूसरों की मदद करने से अच्छा महसूस होता है तो वो इस बात को नहीं जान पाएंगे। अभिभावकों को उन्हें ये सिखाना चाहिए। जब आपका बच्चा आपको किसी की सहायता करते देखेगा तो उसके मन में भी वही भावनाएं आती हैं।

जरूरी है धन्‍यवाद कहना – थैंक्‍स सिर्फ एक शब्‍द नहीं, बल्कि एक आदत है और इस आदत के लाभ आप ही बच्‍चे को सिखा सकते हैं। बच्‍चे को बताएं कि वेटर के पानी लाने पर, धोबी के कपड़े देने पर जब हम उसे थैंक्‍स कहते हैं, तो उसे कितना अच्‍छा महसूस होता है। बच्‍चों को भी उन्हें धन्यवाद कहने के लिए प्रोत्साहित करें।

समाज की समस्याओं के बारे में बात करें - बच्चों के लिए परिवार और दोस्तों के सामाजिक सर्कल के बारे में सोचना महत्वपूर्ण है। उन्हें समाज की अच्छाइयों और बुराइयों के साथ-साथ समस्याओं के बारे में जानना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है, "बच्चों के लिए अन्य संस्कृतियों और समुदायों में रहने वाले लोगों के लिए चिंता विकसित करना महत्वपूर्ण है।" यह उन्हें सहानुभूति सिखाता है।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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