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अपनी बच्ची को यौन शोषण से बचाने के लिए उन्हें ये बातें सिखाएं

अपने बच्चों को उनके प्राइवेट बॉडी पार्ट्स के बारे में विस्तार से बताएं!

हाल ही में मुंबई के एक स्कूल में वहां के चपरासी द्वारा लगातार तीन दिन तक चार साल की एक बच्ची के साथ बलात्कार की खबर सुनने में आयी थी। दरिंदों ने तीन साल की बच्ची को भी नहीं छोड़ा। इस घटना के बारे में सुनकर सभी पैरेंट्स सकते में आ गए। स्कूल में बच्चों के साथ हो रहे बलात्कार और यौन हिंसा की यह पहली घटना नहीं है। स्कूल में कभी चपरासी तो कभी टीचर के द्वारा बच्चों के साथ बलात्कार की घटनाएं पहले भी सुनने में आती रही है।

दरिंदे बच्चों से साथ सिर्फ गंदे शब्दों का प्रयोग ही नहीं करते बल्कि वे उन्हें इसके बारे में किसी को बताने पर मारने- पीटने की भी धमकी देते हैं। इसलिए हमें अपने बच्चों को यह सिखाने की जरूरत है कि स्कूल में इस तरह की घटना होने पर सबसे पहले किसे बताएं। मुंबई में सेक्सुअल्टी एजुकेटर डॉ. नियति एन शाह यहां बता रही हैं कि हम अपने बच्चों को ऐसी घटनाओं से सुरक्षित कैसे रखें।

देर न करें तुरंत एक्शन लें- हालांकि यह सुनने में अजीब जरूर लग रहा है लेकिन अपनी बच्ची को बताएं कि यदि उनके साथ यौन हिंसा हो रही हो तो किन गंदे शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है। हम अक्सर अपने बच्चों को सिखाते हैं कि स्कूल सबसे सुरक्षित जगह है। स्कूल के स्टाफ जैसे मेड, अंकल और टीचर बच्चों का ख्याल रखते हैं। हम उस संस्था के बारे में बच्चों में विश्वास पैदा करते हैं। डॉ. नियति कहती हैं कि जब स्कूल में बच्चों के साथ इस तरह की घटनाएं होती हैं तो बच्चे इसे आसानी से स्वीकार नहीं कर पाते और इसलिए वे घर में किसी को बताने से डरते हैं।

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बच्चा अपने घर में भी जब डरा हुआ औऱ टेंशन में रहता है तो इससे उसपर और बुरा असर पड़ता है। इसलिए बच्चे से ज्यादा से ज्यादा बात करें जिससे वह आपसे कुछ भी बताने में हिचकिचाए नहीं। डॉ. नियति कहती हैं घर एक ऐसी जगह है जहां बच्ची खुद को सुरक्षित महसूस करती है और उसकी बातों को सीरियसली लिया जाता है। इन लक्षणों से जाने कि आपकी बच्ची का यौन शोषण किया जा रहा है।

सही शब्दों में उसे बॉडी पार्ट्स के बारे में बताएं : हम इस बात को लेकर ज्यादा तनाव में रहते हैं कि बच्चों को उनके बॉडी पार्ट्स और जननांगों के बारे में किस तरह और किन शब्दों में बताना चाहिए। यौन हिंसा से पीड़ित ज्यादातर बच्चे यह नहीं समझ पाते कि वे अपने पैरेंट्स को उसके बारे में कैसे बताएं। वे कहते हैं कि यहां चोट लगी है और यहां दर्द हो रहा है लेकिन वे इसे अच्छी तरह नहीं बता पाते हैं। डॉ. नियति कहती हैं कि अगर बच्ची को पहले से पता होगा कि वैजाइना और वोल्वा क्या है तो उसे बताने में आसानी होगी कि उसके वेजाइना या वोल्वा में दर्द हो रहा है और इससे आपको समझने में भी आसानी होगी।

एक्टिव पैरेंट्स बनें: स्कूल के सभी पैरेंट टीचर मीटिंग में शामिल हों और जब भी मौका मिले टीचर से बातचीत करने की कोशिश करें। बातचीत के दौरान यह जाहिर करें कि आप अपनी बच्ची के साथ हर वक्त खड़ी हैं ताकि कोई भी उसे नुकसान पहुंचाने से पहले दो बार सोचे। डॉ. नियति कहती हैं कि यौन हिंसा करने वाला कभी पकड़ा नहीं जाना चाहता इसलिए वह ऐसे बच्चों का शोषण करता जो सीधे साधे होते हैं या जो साफ शब्दों में जोर से बोलते हैं लेकिन कोई उन पर भरोसा नहीं करता है। इसलिए आप हर मीटिंग, गैदरिंग, एन्युल फंक्शन में शामिल होकर अपने बच्चे की सफलता और असफलता दोनों पर उसका हौसला आफजाई करें। यह देखकर कोई आपके बच्चे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करेगा।

आपकी बच्ची यदि यौन हिंसा का शिकार हुई हो तो आपको क्या करना चाहिए : 

उन्हें हेल्प मांगना सिखाएं : जब आपकी बच्ची यौन हिंसा का शिकार होती है तो उसे समझ में नहीं आता कि वह किसे बताए और किस पर विश्वास करे। इसलिए उसे सीखाएं कि जब भी इस तरह की घटना घटे तो वह किसी टीचर से जरूर बताए जिनके साथ वह कंफर्टेबल महसूस करती है। डॉ. नियति कहती हैं कि सभी बच्चे अपने क्लास टीचर से बात नहीं कर पाते हैं इसलिए उन्हें सीखाएं कि जिस टीचर पर उन्हें ज्यादा भरोसा हो वह उन्हीं के पास जाएं।

बच्चों की सेफ्टी पॉलिसी  के बारे में स्कूल से बात करें:  पैरेंट्स के नाते यह जानना आपका हक है कि फिजिकल और वर्बल एब्यूज के खिलाफ स्कूल की पॉलिशी क्या है। आप यह संकोच ना करें कि ऐसा पूछने पर स्कूल का अपमान होगा। आप पूछेंगे तभी स्कूल को महसूस होगा की पैरेंट्स अपने बच्चे की सुरक्षा को लेकर एक्टिव हैं। डॉ. नियति कहती हैं इससे स्कूल बच्चों के लिए सेफ्टी पॉलिसी बनाने पर मजबूर होगा।

हम सभी इस तरह की हिंसा को पूरी तरह रोकना चाहते हैं और यह भी चाहते हैं कि दोषी पकड़ा जाए और  उसे उसके इस घिनौने काम के लिए अधिक से अधिक सजा मिले। लेकिन तब तक हम अपने बच्चों को सशक्त बनाने और सुरक्षित रखने के लिए ये छोटे-छोटे कदम उठा सकते हैं।

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अनुवादक: Anoop Singh

चित्र स्रोत: Shutterstock

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