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नवजात बच्चों में थायराइड को कैसे पहचानें? जानें जन्म के 2 सप्ताह के बीच दिखाई देने वाले लक्षण और निदान का तरीका

गुरुग्राम स्थित मैक्स हॉस्पिटल की पीडियाट्रिक्स विभाग की प्रिंसीपल कंस्लटेंट डॉ. मेघा कोंसुल आपको नवजात शिशुओं में थायराइड से जुड़ी जटिलताओं और लक्षणों के बारे में बता रही हैं।

नवजात बच्चों में थायराइड को कैसे पहचानें? जानें जन्म के 2 सप्ताह के बीच दिखाई देने वाले लक्षण और निदान का तरीका
नवजात बच्चों में थायराइड को कैसे पहचानें? जानें जन्म के 2 सप्ताह के बीच दिखाई देने वाले लक्षण और निदान का तरीका

Written by Jitendra Gupta |Published : January 26, 2022 1:57 PM IST

थायराइड एक ऐसी समस्या है, जो किसी भी व्यक्ति के लिए चिंता का सबब बन सकती है। दरअसल थायराइड एक ग्रंथि है, जो हार्मोन रिलीज करती है लेकिन जब ये हार्मोन कम या फिर ज्यादा मात्रा में रिलीज होने लगते हैं तो परेशानी बढ़ने लगती है। थायराइड आम रूप से महिलाओं को अपना शिकार बनाता है, इसलिए महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान थायराइड टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है क्योंकि ये बीमारी जेनेटिक रूप से आपके बच्चे को प्रभावित कर सकती है। ऐसा नहीं है कि बच्चे थायराइड का शिकार नहीं होते लेकिन इनमें लक्षणों का पता लगा पाना थोड़ा मुश्किल होता है।

गुरुग्राम स्थित मैक्स हॉस्पिटल की पीडियाट्रिक्स विभाग की प्रिंसीपल कंस्लटेंट डॉ. मेघा कोंसुल आपको नवजात शिशुओं में थायराइड से जुड़ी जटिलताओं और लक्षणों के बारे में बता रही हैं, जिन्हें पहचानकर आप सही समय पर जांच शुरू कर सकते हैं और बच्चों में आगे चलकर होने वाली जटिलताओं को रोक सकते हैं। आइए जानते हैं लक्षणों और कैसे बच्चों को बचाए थायराइड से इस बारे में बता रही हैं।

थायराइड का शिकार हो सकते हैं नवजात

नवजात शिशु लो थायराइड से पीड़ित हो सकते हैं। नवजात बच्चों में जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म का पता लगा पाना मुश्किल होता है लेकिन लक्षणों के आधार पर इसका निदान किया जा सकता है, जो बहुत ही कम दिखाई देते हैं। इसलिए सभी अस्पतालों ने बच्चे की छुट्टी से पहले बच्चे की एड़ी से ब्लड सैंपल का उपयोग कर इस बीमारी की जांच करते हैं। इस प्रक्रिया को नवजात स्क्रीनिंग कहा जाता है।

जांच पॉजिटिव आए तो क्या करें

डॉ. मेघा कहती हैं अगर आपके बच्चे का टेस्ट पॉजिटिव आता है तो स्क्रीनिंग प्रोग्राम तुरंत ही बच्चे के डॉक्टर को इस बात के लिए सूचित करता है और आमतौर पर ये प्रक्रिया बेबी के 2 सप्ताह पूरे होने से पहले ही की जाती है। उपचार शुरू करने से पहले डॉक्टर आपके बच्चे में जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म का पता लगाने के लिए एक नस से ब्लड सैंपल लेने का आदेश देगा। कुछ मामलों में डॉक्टर यह देखने के लिए थायराइड स्कैन की भी सलाह दे सकता है कि थायराइड ग्रंथि है या नहीं या फिर बहुत छोटी है।

एक्सपर्ट बताती हैं कि समय पर उपचार बहुत जरूरी है, जिसके लक्षण इस प्रकार हैंः

1-बच्चा कही से दूध न पी पा रहा हो

2-बच्चा जरूरत से ज्यादा सो रहा हो

3-रुक-रुक कर रोता हो बच्चा

4-बच्चे को कब्ज हो

5-जन्म के बाद बच्चे की स्किन पर पीलापन

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बच्चे में थायराइड के दूसरे लक्षण

डॉ. मेघा बताती हैं कि बच्चे में जन्मजात हाइपोथायराइडिज्म के लक्षण जन्म के पहले सप्ताह में दिखे ये आमतौर पर सामान्य नहीं होते हैं। डॉक्टर आपके बच्चे के चेहरे पर सूजन, कमजोर मांसपेशियां, लंबी जीभ के साथ पेट खराब और सिर पर सामान्य से ज्यादा सफेद धब्बे जैसे लक्षणों से पता लगा सकता है।

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