बच्चों में कैल्शियम की कमी के लक्षण और दूर करने के उपाय

कैल्शियम हड्डियों को स्वस्थ रखता है। जब बच्चों को सही मात्रा में कैल्शियम से भरपूर चीजें खाने को दी जाएं, तो हड्डियों से संबंधी समस्या नहीं होंगी। जानें, बच्चों में कैल्शियम की कमी होने के कारण और मुख्य लक्षण (Calcium Deficiency in kids) क्या हैं।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : July 31, 2020 4:47 PM IST

Calcium Deficiency in kids: बच्चों के संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है कि उनके खानपान में हर पौष्टिक तत्व और खनिज शामिल हों। जन्म लेने के बाद से ही बच्चे को मां का दूध पिलाना जरूरी है, ताकि वे रोगों से बचे रहें। जो बच्चे मां का दूध नहीं पी पाते हैं, उनके खानपान पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। उनके भोजन में सभी जरूरी पोषक तत्व हों, ताकि उनका शारीरिक विकास सही तरीके से हो सके।

कई बार बच्चों की हड्डियां सही तरह से विकसित नहीं हो पातीं या उन्हें मजबूती नहीं मिल पाती है। कुछ बच्चों के पैरों की हड्डियां टेढ़ी सी नजर आती हैं, जिससे चलने में समस्या हो सकती है। यह कैल्शियम की कमी के कारण हो सकता है। शरीर में कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में होने से दिल और मांसपेशियां अपना कार्य सही तरीके से करती हैं। कैल्शियम हड्डियों को स्वस्थ रखता है। जब बच्चों को सही मात्रा में कैल्शियम से भरपूर चीजें खाने को दी जाएं, तो हड्डियों से संबंधी समस्या नहीं होंगी। जानें, बच्चों में कैल्शियम की कमी होने के कारण और मुख्य लक्षण (Calcium Deficiency in kids) क्या हैं।

कैल्शियम की कमी के कारण

1 जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी होने से बच्चों में कैल्शियम की कमी हो सकती है।

2 यदि मां को डायबिटीज है, तो बच्चे में कैल्शियम की कमी होने की संभावना बढ़ जाती है।

3 कई बार बच्चे को गाय का दूध पिलाया जाता है। इसमें फॉस्फोरस अधिक मात्रा में होता है। यह हाइपोकैल्सीमिया का कारण बन सकता है।

4 शरीर में विटामिन डी की कमी होने से भी कैल्शियम की कमी (Calcium Deficiency in kids in hindi) हो  सकती है।

5 जन्म के समय मां में विटामिन डी या कैल्शियम लेवल कम है, तो बच्चे को भी कैल्शियम की कमी हो सकती है।

बच्चों में कैल्शियम की कमी के लक्षण (Symptoms of calcium deficiency in children)

मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द होना

दिल की गति का कम होना

ब्लड प्रेशर लो होने की समस्या

मस्तिष्क में ऑक्सीजन की सप्लाई पर्याप्त रूप से ना होना

आंखें बार-बार झपकाना और होंठ हिलाने की आदत

कैल्शियम की कमी का इलाज

बच्चों को अधिक से अधिक मात्रा में कैल्शियम युक्त चीजें खाने के लिए दें। दूध, दही खाने-पीने को दें।

जन्म के बाद बच्चे को सूरज की रोशनी में जरूर लिटाएं। इससे बच्चे के शरीर में विटामिन डी (Vitamin D in hindi) का स्तर बढ़ेगा।विटामिन डी के अवशोषण से कैल्शियम की मात्रा बढ़ती है।

शिशु में कैल्शियम की कमी है, तो उसे मां का दूध जरूर पिलाना चाहिए।

बच्चे को गाय का दूध या पाउडर वाला दूध ना पिलाएं। इससे उनके शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है। 6 महीने तक बच्चे के लिए मां के दूध से बेहतर कोई और आहार नहीं है। जब बच्चा बड़ा होने लगे, तो उन्हें दूध, दही, डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन अधिक कराएं।

एक साल से कम उम्र के शिशु को गलती से भी ना खिलाएं ये फूड, वरना पड़ सकता है बुरा असर

ऑनलाइन क्लासेज के कारण बच्चों में बढ़ गया है गैजेट्स का इस्तेमाल, हो रहे हैं मानसिक समस्याओं के शिकार

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source