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What to Feed Toddlers after 6 months : 6 महीने की उम्र के बाद बच्चों सही ग्रोथ के लिए दूध के साथ ठोस आहार दिया जाता है। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आनंद केयर क्लीनिक के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण आनंद का कहना है कि 6 महीने की उम्र के बाद बच्चों को दही, घी और पनीर जरूर खाने के लिए देना चाहिए। दही, घी और पनीर सुपरफूड हैं जो बच्चों की सेहत को चुस्त- दुरुस्त बनाकर बीमारियों का खतरा कम करते हैं।
1. दही- डॉ. तरुण आनंद का कहना है कि 6 महीने की उम्र के बाद बच्चों को दही जरूर खिलाना चाहिए। दही बच्चों के पेट और इम्यूनिटी का सबसे अच्छा दोस्त है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (Good Bacteria) बच्चे की आंतों (Gut) को मजबूत बनाते हैं। 6 महीने की उम्र के बाद बच्चों की डाइट में दही शामिल करने से कब्ज की समस्या दूर होती है और ये डायरिया जैसी बीमारी के खतरे को भी घटाता है। हावर्ड हेल्थ केयर रिसर्च के अनुसार, दही में कैल्शियम पाया जाता है जो बच्चों की हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है।
2. घी (Ghee)- भारतीय परंपरा में घी का इस्तेमाल बच्चों की मालिश से लेकर खाने तक में किया जाता है। घी एक सुपरफूड है। 6 महीने की उम्र के बाद बच्चों को घी खिलाने से दिमागी विकास में तेजी आती है। घी के पोषक तत्व न्यूट्रिएंट्स को अवशोषित करते हैं। इससे बच्चों का वजन बढ़ाने, कब्ज को कम करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
3. पनीर (Paneer)- पनीर प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स है। डॉक्टर बताते हैं कि जब बच्चा थोड़ा-सा चबाना और निगलना सीख जाए, तब पनीर खिलाना उनके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। पनीर में हेल्दी प्रोटीन और फैट पाया जाता है जो बच्चों को हेल्दी वेट गेन मदद करता है। पनीर का प्रोटीन हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। बच्चों को पनीर खिलाने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है। इससे बच्चे बार-बार जंक फूड खाने की जिद नहीं करते हैं।
डॉ. तरुण आनंद का कहना है कि जन्म के बाद पहले 6 महीनों तक मां का दूध (Breast Milk) या फॉर्मूला मिल्क बच्चे के लिए Complete Nutrition होता है। लेकिन जैसे-जैसे बच्चे की उम्र बढ़ती है शारीरिक और मानसिक विकास सही तरीके से हो इसके लिए ज्यादा पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इसलिए 6 महीने की उम्र के बाद बच्चों के लिए दूध के साथ ठोस आहार भी जरूरी होता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और सभी बाल रोग विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि 6 महीने के बाद सही आहार न मिलने से बच्चे में कुपोषण, कमजोरी और विकास में देरी हो सकती है। अगर आप न्यू पेरेंट्स हैं और 6 महीने के बाद बच्चों को ठोस आहार देने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।
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Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।