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Sugar for Babies: शक्कर या चीनी का मीठा स्वाद बच्चों को खूब पसंद आता है। बच्चे ही नहीं बड़ों के दैनिक भोजन में भी शक्कर (Sugar) का समावेश होता ही है। शक्कर हमारी चाय, क़ॉफी, शर्बत और मिठाइयों का स्वाद बढ़ाती है और इसीलिए शक्कर के मीठे स्वाद को हम सभी पसंद करते हैं। लेकिन, मीठी शक्कर सेहत के लिए एक धीमे ज़हर की तरह काम करती है और इसकी वजह के कई प्रकार की बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ जाता है। शक्कर के सेवन के नुकसान बड़ों और बच्चों दोनों में दिखायी पड़ते हैं। (Side Effects of Sugar in Babies)
अमेरिका में 2 साल से कम उम्र के बच्चों को चॉकलेट और मीठी कैंडीज़ खाने से मना किया गया है। गौरतलब है कि, अमेरिका कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित देश रहा है। कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की शुरुआत से अब तक अमेरिका में कोविड-19 इंफेक्शन (Covid-19 Infection) और यहां तक कि, कोविड-19 की वजह से मृत्यु के आंकड़े भी सबसे अधिक रहे हैं। मंगलवार (30 दिसंबर 2020) को अमेरिकी सरकार की तरफ से खानपान से जुड़ी नयी गाइडलाइन्स ज़ारी की गयी। जिनमें सलाह दी गयी है कि, 2 साल से छोटे बच्चों को आर्टिफिशियल शुगर (Artificial Sugar) वाली मीठी चीज़ें खाने को ना दी जाएं।
शक्कर एक हाई-कैलोरी फूड (High Calories Food) है। इसीलिए, शक्कर के सेवन से बच्चों में मोटापे यानि चाइल्डहूड ओबेसिटी (Childhood Obesity Causes) का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह बच्चों में डायबिटीज और दांतों से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसीलिए, 2 वर्ष से पहले बच्चों को शक्कर खिलाने से मना किया जाता है।
वहीं, आमतौर पर एक्सपर्ट्स बच्चों को एक साल की उम्र के बाद ही नमक खाने की सलाह देते हैं। चंकि, छोटे बच्चों की किडनियां भी कमज़ोर होती हैं। जिससे, उन्हें नमक को प्रोसेस करके शरीर को इसके फायदे पाने में मदद नहीं करतीं। ऐसे में नमक खिलाने से बच्चों को पेट फूलने और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसीलिए, एक साल का होने तक बच्चे को नमक बिल्कुल ना खिलाएं दें।