
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : September 13, 2023 6:37 PM IST
Parenting Tips : हर माता-पिता चाहते हैं कि वे अपने बच्चे को एक बेहतर परवरिश दें। लेकिन कई बार उनकी छोटी-छोटी गलती बच्चों को एक गलत दिशा में ले जाती हैं। इन गलतियों में बच्चों को बार-बार डांटना शामिल है। कई माता-पिता को लगता है कि अगर वे अपने बच्चों को साथ स्ट्रिक्ट से पेश आएंगें, तो बच्चा सही राह पर चलेगा। लेकिन कई बार ऐसा करना बच्चों के मेंटल हेल्थ पर असर डालती है। इसलिए बच्चों को कंट्रोल करने के बजाय उन्हें स्वतंत्रता दें। अगर आपका बच्चा गलती करता है, तो उन्हें डांटने के बजाय समझाने की कोशिश करें। ल्यूवेन विश्वविद्यालय में हुए एक अध्ययन में सामने आया है कि अगर माता-पिता अपने बच्चों को हर छोटी-मोटी बातों पर डांट-डपट करते हैं, तो इससे किशोर और वयस्क होने वाले बच्चे डिप्रेशन और कई तरह की मानसिक समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। इसलिए कोशिश करें कि बच्चों को फ्रीडम दें।
अगर आप अपने बच्चों के साथ काफी ज्यादा स्ट्रिक्ट से पेश आते हैं, तो उनके स्वभाव पर नकारात्मक असर पड़ता है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-
अगर आप अपने बच्चों को बात-बात पर डांटते हैं, तो ऐसा करने से बच्चों का आत्म विश्वास कम होता। उनके अंदर आत्म सम्मान कम होने लगता है। इसलिए कोशिश करें कि हर छोटी-मोटी बातों को लेकर उन्हें न डांटे।
बच्चों के साथ स्ट्रिक्ट तरीके से पेश आने की वजह से उनकी सामाजिक क्षमताओं में कमी आने लगती है। ऐसा करने से वे सामाजिक कठिनाईओं का सामना बहुत ही मुश्किल से कर पाते हैं।
काफी ज्यादा स्ट्रिक्ट पेश आने वाले माता-पिता के बच्चों का व्यवहार आक्रामक होने लगता है। खासतौर पर ऐसे बच्चे घर के अंदर कुछ नहीं बोलते हैं। लेकिन घर के बाहर उनका व्यवहार काफी आक्रामक होने लगता है।
ऐसे बच्चों को अपनी असफलता स्वीकार नहीं होती है। उनके अंदर इतना ज्यादा डर होता है कि वे असफलता होने पर गलत कदम तक उठा सकते हैं। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा आगे चलकर हर तरह की कठिनाईओं का डटकर सामना करे, तो अपने व्यवहार में थोड़ा फ्रीडम लाएं और उन्हें आजादी के साथ अपनी भवनाओं को व्यक्त करने दें।
बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करने से उनके अंदर पॉजिटिवी आती है। इसलिए बच्चों को हर छोटे-छोटे काम को लेकर न डांटे। इससे उनके आगे का व्यवहार बेहतर होगा।