Emotional Abuse By Parents: बच्चों को अनुशासन, अच्छा व्यवहार और सही-गलत का फर्क समझाने के लिए माता-पिता अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। लेकिन, कई बार माता-पिता बच्चों के साथ इतना स्ट्रिक्ट हो जाते हैं कि बच्चे इसकी वजह से बहुत अधिक मानसिक और भावनात्मक दबाव भी महसूस करते हैं। धीर-धीरे यह दबाव इतना अधिक बढ़ जाता है कि बच्चों के मन में माता-पिता का नाम सुनते ही दहशत-सी महसूस होने लगती है। ऐसे बच्चे अपने माता-पिता से बात करने से भी कतराने लगते हैं और वे मेंटली खुद को अकेला, दुखी और असहाय पाते हैं। इस स्थिति को इमोशनल अब्यूज कहा जाता है। परेशानी भरी बात यह है कि माता-पिता को भी इस बात का अंदाजा नहीं होता कि वे अपने बच्चे को सुधारने या निखारने की कोशिश में उसका बुरा कर रहे हैं। क्योंकि उनके व्यवहार की वजह से बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।
इमोशनल अब्यूज या बच्चों का भावनात्मक शोषण उनके मनोवैज्ञानिक विकास पर बुरा असर डालता है। इससे बच्चों का व्यक्तित्व भी खुलकर विकसित नहीं हो पाता और वे कई तरह की साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स भी महसूस कर सकते हैं। इस लेख में पढ़ें बच्चों में इमोशनल अब्यूज के लक्षण (Symptoms of emotional abuse in kids) और उनकी मदद करने के कुछ उपायों के बारे में।
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