
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 9, 2023 2:00 PM IST
Shweta Bachchan On Financial Independency: फिल्म इंडस्ट्री के पॉवर कपल कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और जया बच्चन (Jaya Bachchan) की बेटी श्वेता बच्चन भले ही फिल्मों में काम नहीं करतीं। लेकिन, फिल्म इंडस्ट्री के बाहर भी श्वेता एक जाना-पहचाना नाम है। बच्चन और कपूर फैमिली से होने के अलावा श्वेता बच्चन एक कामयाब बिजनेस वूमन भी हैं और बतौर कॉलमिस्ट कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय रखती हैं। हाल ही में श्वेता बच्चन ने बच्चों के फाइनेशियली इंडिपेंडेंट बनने की अहमियत पर बात की। श्वेता ने कहा कि वे चाहती हैं कि उनके बच्चे कम उम्र में ही फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट (Shweta Bachchan On Financial Independency in Hindi) बने ताकि वे अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण फैसले ले सकें।
नव्या नवेली नंदाके पॉडकॉस्ट पर श्वेता बच्चन ( Shweta Bachchan) और जया बच्चन ( Jaya Bachchan) दोनों ने हिस्सा लिया और पेरेंटिंग और लाइफ से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर चर्चा की। इसी सेशन में श्वेता बच्चन ने कहा कि वे अपने बच्चों नव्या नवेली नंदा (Navya Naveli Nanda) और अगस्त्य नंदा (Agastya Nanda) को सलाह देना चाहेंगी कि वे जितनी जल्दी हो खुद को आर्थिक रुप से आत्मनिर्भर बनाएं।
श्वेता बच्चन ने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि, वे खुद को फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट नहीं मानती और उन्हें लगता है कि वे अपनी जिंदगी में बहुत अधिक मेहनती और महत्वकांक्षी नहीं हैं। लेकिन वे चाहेंगी कि उनके दोनों बच्चे उनकी तरह ना बनें बल्कि, वे खुद अपने पैरों पर खड़े हों और फाइनेंशियली किसी और पर निर्भर ना करें।
पॉकेटमनी देते समय अपने बच्चे को उतने ही पैसे दें जितनी उन्हें सचमुच में जरूरत हो। बच्चे को पैसे देते समय इस बात पर ध्यान दें कि उनका खर्च कितना है और वे पैसों का सही तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं।
बच्चे अक्सर साइकिल और मोबाइल फोन जैसी महंगी चीजों की मांग करते हैं। बच्चों को इन चीजों के लिए पैसे जमा करने के लिए कहें। इसके लिए वह अपनी पॉकेटमनी से पैसे बचाकर अपनी पसंद की चीज के लिए पैसे जमा कर सकता है।
त्योहारों, जन्मदिन और पूजा-अनुष्ठानों में अक्सर बच्चों को रिश्तेदारों से पैसे मिलते हैं। इन सभी पैसों को संभालकर रखने की सलाह दें।
बच्चे जब पैसे बचाने की कोशिश कर रहे हों तो हर महीने अपनी तरफ से उन्हें ईनाम के तौर पर थोड़े पैसे दें। इससे बच्चों को प्रोत्साहन मिलेगा।
थोड़ी बड़ी उम्र के बच्चों को घर के छोटे-छोटे कामोंमें शामिल करें जैसे घर के खर्चों का हिसाब-किताब, मंथली बिल समय पर जमा करने या ऑनलाइन शॉपिंग से डिस्काउंट पर सामान खरीदना आदि। इन कामों के बदले बचत बिल पर लगने वाले फाइन की बचत करने या शॉपिंग में मिलने वाले डिस्काउंट के पैसे आप बच्चों को ईनाम के तौर पर दे सकते हैं।